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Over-Explain करना बच्चों को बना सकता है कमज़ोर? सच जानिए

Over Explain Parenting

ParentingTips: आज के दौर में मॉडर्न पैरेंटिंग के नाम पर कई माता‑पिता बच्चों को हर बात जरूरत से ज्यादा समझाने लगे हैं. एक्सपर्ट्स इसे Over‑Explain Parenting कहते हैं, आइए जानते हैं कि क्या बच्चों को हर बात विस्तार से समझाना सही है या यह उनकी मानसिक मजबूती को कमजोर बना सकता है?

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क्या है Over‑Explain Parenting?
जब माता‑पिता बच्चों के हर फैसले, गलती या स्थिति पर लंबी‑चौड़ी व्याख्या करने लगते हैं और बच्चों को खुद सोचने या अनुभव करने का मौका नहीं देते, तो इसे Over‑Explain करना कहा जाता है.

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
बाल मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, जरूरत से ज्यादा समझाने से बच्चे खुद निर्णय लेना नहीं सीख पाते, हर बात पर कन्फ्यूज रहते हैं, आत्मविश्वास में कमी महसूस करते हैं, दूसरों पर ज्यादा निर्भर हो जाते हैं.

बच्चों पर क्या पड़ता है असर?
निर्णय क्षमता कमजोर होती है – बच्चा हर काम में गाइडेंस चाहता है.
गलतियों से सीखने का मौका नहीं मिलता – गलती भी सीखने का हिस्सा होती है.
भावनात्मक रूप से कमजोर बन सकते हैं – हर स्थिति में सहारा चाहिए होता है.

सही तरीका क्या है?
बच्चों को उम्र के अनुसार सीमित और स्पष्ट बातें समझाएं, छोटे फैसले खुद लेने दें, गलतियों पर डांटने के बजाय मार्गदर्शन दें, हर सवाल का जवाब देने के बजाय उन्हें सोचने का मौका दें.

संतुलन है सबसे जरूरी
पैरेंटिंग में न तो जरूरत से ज्यादा सख्ती सही है और न ही जरूरत से ज्यादा समझाना, संतुलित व्यवहार बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाता है.

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