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Hair Fall: बढ़ता है तनाव और डिप्रेशन? सच जानिए

HealthyLifestyle: बाल झड़ना आज के समय में केवल एक सौंदर्य समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य से भी गहराई से जुड़ी हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हेयर फॉल होने पर व्यक्ति में तनाव, आत्मविश्वास की कमी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वाकई बाल झड़ने से मानसिक तनाव और डिप्रेशन होता है? आइए जानते हैं सच्चाई.

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बाल झड़ने और मेंटल हेल्थ का संबंध
जब व्यक्ति को आईने में रोज अपने बाल कम होते दिखते हैं, तो यह उसकी सेल्फ-इमेज पर असर डालता है. खासकर युवाओं में हेयर फॉल से आत्मविश्वास घटता है, लोगों से मिलने में झिझक बढ़ती है, बार-बार चिंता और नकारात्मक सोच आने लगती है, यही स्थिति आगे चलकर एंग्ज़ायटी और डिप्रेशन का कारण बन सकती है.

तनाव से भी बढ़ता है हेयर फॉल
यह संबंध दोतरफा है, बाल झड़ने से तनाव बढ़ता है और ज्यादा तनाव से बाल और ज्यादा झड़ते हैं, तनाव के कारण शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे टेलोजन एफ्लूवियम जैसी हेयर फॉल की स्थिति पैदा हो सकती है.

सामाजिक दबाव भी है बड़ा कारण
आज के सोशल मीडिया और परफेक्ट लुक के दौर में बालों को सुंदरता और पर्सनैलिटी से जोड़ा जाता है, ऐसे में हेयर फॉल होने पर व्यक्ति खुद को दूसरों से कम आंकने लगता है, जिससे मानसिक दबाव और अकेलापन बढ़ सकता है.

किन लोगों में खतरा ज्यादा?
युवा पुरुष और महिलाएं पहले से तनाव या एंग्ज़ायटी से जूझ रहे लोग, हार्मोनल या जेनेटिक हेयर फॉल वाले व्यक्ति, इनमें डिप्रेशन का खतरा अधिक हो सकता है.

कैसे रखें मेंटल हेल्थ का ध्यान?
हेयर फॉल को लेकर खुद को दोष न दें, सही जानकारी और डॉक्टर की सलाह लें. योग, मेडिटेशन और पर्याप्त नींद लें, जरूरत पड़े तो काउंसलिंग से भी मदद लें.

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