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NewYearCelebration: क्या आप जानते हैं 1 जनवरी को नया साल क्यों मनाते हैं?

1 January History: 1 जनवरी हर साल दुनिया भर में नया साल (New Year) मनाने का दिन माना जाता है, यह दिन सिर्फ कैलेंडर का बदलाव नहीं है, बल्कि नए अवसरों, नई उम्मीदों और नए संकल्पों का प्रतीक भी है. आइए जानते हैं क्यों 1 जनवरी को नया साल मनाया जाता है और इसकी परंपरा कैसे शुरू हुई.

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ग्रेगोरियन कैलेंडर की वजह
आज हम जिस कैलेंडर का पालन करते हैं, उसे ग्रेगोरियन कैलेंडर कहते हैं, इसे पोप ग्रेगोरियस XIII ने 1582 में लागू किया था. इस कैलेंडर में साल की शुरुआत 1 जनवरी से होती है. पहले रोमन कैलेंडर में साल की शुरुआत मार्च से होती थी, लेकिन बाद में जनवरी को नया साल का पहला दिन मान लिया गया.

जनवरी का ऐतिहासिक महत्व
जनवरी का नाम Janus, रोम के द्वार और शुरुआत के देवता के नाम पर रखा गया है, Janus के दो मुख होते हैं – एक अतीत की ओर और दूसरा भविष्य की ओर, इसलिए 1 जनवरी को नया साल शुरू करना यह दर्शाता है कि हम बीते साल से सीख लेकर नए साल में कदम रख रहे हैं.

नया साल मनाने की परंपरा
1 जनवरी को लोग नए साल के संकल्प लेते हैं, परिवार और दोस्तों के साथ जश्न मनाते हैं. दुनिया के कई देशों में Fireworks, Parties और Cultural Events आयोजित किए जाते हैं, भारत में भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग घर, मंदिर और सार्वजनिक जगहों पर नए साल का स्वागत करते हैं.

आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण
नए साल का दिन नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, लोग इस दिन पुराने दु:ख, नकारात्मकता और गलतियों को छोड़कर नए उत्साह के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लेते हैं, यह दिन संबंधों को मजबूत करने और खुशियों को साझा करने का भी अवसर है.

क्यों विशेष है 1 जनवरी?
यह दिन केवल तारीख बदलने का प्रतीक नहीं, बल्कि नई उम्मीदों और अवसरों की शुरुआत है, हर साल 1 जनवरी को मनाकर हम खुद को मानसिक रूप से तैयार करते हैं कि इस साल और बेहतर बनेंगे.

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