CharDhamYatraStartDate2026: हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर निकलते हैं. उत्तराखंड में स्थित यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम को हिंदू धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है. साल 2026 की चारधाम यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है, हालांकि यात्रा की आधिकारिक तारीखों की घोषणा मंदिर समितियों द्वारा परंपरागत रूप से महाशिवरात्रि या अक्षय तृतीया के आसपास की जाती है, लेकिन उससे पहले कुछ जरूरी बातों को जानना बेहद जरूरी है.
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चारधाम यात्रा 2026 कब शुरू होने की संभावना?
धार्मिक परंपराओं के अनुसार चारधाम यात्रा की शुरुआत इस साल 19 अप्रैल से शुरू होगी.
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम: अक्षय तृतीया के दिन कपाट खुलने की परंपरा.
केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम: इसके कुछ दिनों बाद कपाट खोले जाते हैं.
यात्रा से पहले ये बातें जरूर जानें
रजिस्ट्रेशन अनिवार्य- चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है, बिना पंजीकरण श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति नहीं मिलती.
मौसम की तैयारी रखें- चारधाम क्षेत्र में मौसम कभी भी बदल सकता है. गर्म कपड़े, रेनकोट, मजबूत जूते जरूर साथ रखें.
स्वास्थ्य जांच कराएं- ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है. बुजुर्गों और बीपी, शुगर या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को यात्रा से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
यात्रा मार्ग और साधन- सड़क मार्ग के साथ-साथ हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध रहती है, लेकिन इसके लिए पहले से बुकिंग जरूरी होती है.
सरकारी गाइडलाइंस का पालन करें- यात्रा के दौरान राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है.
भीड़ से बचने की योजना बनाएं- मई और जून में यात्रियों की संख्या सबसे अधिक होती है, अपेक्षाकृत शांत यात्रा के लिए सही समय चुनें.
कैश और नेटवर्क की समस्या- कई क्षेत्रों में नेटवर्क और एटीएम की सुविधा सीमित होती है, इसलिए पर्याप्त नकदी साथ रखें.
चारधाम यात्रा का धार्मिक महत्व
मान्यता है कि चारधाम यात्रा करने से पापों से मुक्ति, आत्मिक शांति, मोक्ष की प्राप्ति होती है. यही कारण है कि श्रद्धालु जीवन में एक बार चारधाम यात्रा अवश्य करना चाहते हैं.
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