ParakramDiwas: भारत में हर साल 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है, यह दिन देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के साथ ही उनके अदम्य साहस, नेतृत्व और बलिदान को श्रद्धांजलि देने का अवसर है. इस दिन देशभर में विशेष कार्यक्रम, सेमिनार और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाती हैं.
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पराक्रम दिवस का महत्व
पराक्रम दिवस का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं को नेताजी के साहस और देशभक्ति के मूल्य से प्रेरित करना है. नेताजी ने अपने जीवन में यह सिद्ध किया कि देश की आज़ादी केवल सोचने से नहीं, बल्कि कर्म और पराक्रम से मिलती है, उनके नेतृत्व में आज़ाद हिंद फौज (INA) का गठन हुआ, जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी.
कश्मीर में पराक्रम दिवस
कश्मीर में भी हर साल 23 जनवरी को श्रीनगर, जम्मू और अन्य क्षेत्रों में पराक्रम दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. स्कूल, कॉलेज और प्रशासनिक संस्थान इस दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन और योगदान पर चर्चा, व्याख्यान और सांस्कृतिक कार्यक्रम करते हैं.
युवाओं के लिए प्रेरणा
पराक्रम दिवस न केवल इतिहास की याद दिलाता है, बल्कि आज की पीढ़ी के लिए देशभक्ति, साहस और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक भी है, यह दिन युवाओं को नेताजी के जीवन से सीख लेने और समाज के लिए योगदान देने के लिए प्रेरित करता है.
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