Advertisement

SciaticaPain: इन 10 बातों का रखें खास ध्यान, जानें डॉक्टर की राय

Sciatica Pain

SciaticaTreatment: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, लंबे समय तक बैठकर काम करना और गलत लाइफस्टाइल के कारण सियाटिका पेन (Sciatica Pain) की समस्या तेजी से बढ़ रही है, यह दर्द कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर कूल्हों, जांघ और पैर तक फैल सकता है. डॉक्टरों के अनुसार समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह दर्द रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है, ऐसे में जानना जरूरी है कि सियाटिका पेन में किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए.

T20 वर्ल्ड कप में बड़ा उलटफेर! पाकिस्तान बाहर तो बांग्लादेश की एंट्री तय?

सियाटिका पेन क्या है?
सियाटिका दर्द सियाटिक नर्व के दबने या सूजन के कारण होता है, यह शरीर की सबसे लंबी नस होती है, जो कमर से पैर तक जाती है. डिस्क स्लिप, गलत पॉश्चर, मोटापा या लंबे समय तक बैठना इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं.

सियाटिका पेन में इन 10 बातों का रखें खास ध्यान

गलत पॉश्चर से बचें: डॉक्टरों के अनुसार झुककर बैठना या खड़े होना सियाटिका दर्द को बढ़ा सकता है, हमेशा रीढ़ को सीधा रखें.

लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें: हर 30–40 मिनट में उठकर थोड़ा चलना जरूरी है, खासकर ऑफिस वर्क करने वालों के लिए.

भारी सामान उठाने से बचें: अचानक वजन उठाने से सियाटिक नर्व पर दबाव बढ़ सकता है.

हल्की स्ट्रेचिंग और एक्सरसाइज करें: डॉक्टर की सलाह से की गई एक्सरसाइज दर्द को काफी हद तक कम कर सकती है.

सख्त या बहुत नरम गद्दे पर न सोएं: मध्यम सख्त मैट्रेस रीढ़ के लिए बेहतर मानी जाती है.

वजन कंट्रोल रखें: अधिक वजन कमर और नसों पर दबाव बढ़ाता है, जिससे दर्द तेज हो सकता है.

ठंडी और गर्म सिकाई अपनाएं: शुरुआती दर्द में ठंडी सिकाई और बाद में गर्म सिकाई फायदेमंद होती है.

दर्द को नजरअंदाज न करें: लगातार दर्द या सुन्नपन महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

गलत तरीके से झुकने से बचें: कुछ उठाते समय कमर नहीं, घुटनों को मोड़ें.

बिना सलाह दवा न लें: डॉक्टरों का कहना है कि पेनकिलर का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है.

डॉक्टर की राय
डॉ. राजेश कुमार वर्मा सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन के अनुसार, सियाटिका पेन की शुरुआती अवस्था में अगर मरीज सही पॉश्चर, नियमित फिजियोथेरेपी और हल्की एक्सरसाइज पर ध्यान दे, तो बिना सर्जरी के भी दर्द को कंट्रोल किया जा सकता है. लंबे समय तक दर्द, पैर में सुन्नपन या कमजोरी महसूस होने पर एमआरआई जांच कराना जरूरी हो जाता है.

यह भी पढ़े-SciaticaPain: अपनाएं ये 5 आयुर्वेदिक उपाय, जानें एक्सपर्ट की सलाह