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Pyorrhea: से परेशान हैं? ये 5 आयुर्वेदिक उपाय करेंगे जड़ों से इलाज

Pyorrhea

AyurvedicRemedy: पायरिया (Periodontitis) एक गंभीर दंत समस्या है, जिसमें मसूड़ों से खून आना, सूजन, बदबू और धीरे-धीरे दांतों का हिलना जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. समय पर इलाज न होने पर यह दांतों के नुकसान का कारण भी बन सकती है. आयुर्वेद में पायरिया को मसूड़ों की कमजोरी और शरीर में बढ़े दोषों से जोड़कर देखा जाता है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ प्राकृतिक उपाय अपनाकर इस समस्या को जड़ से कंट्रोल किया जा सकता है.

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पायरिया में कारगर हैं ये 5 आयुर्वेदिक उपाय

1. नीम की दातून या नीम का काढ़ा: नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। रोज़ सुबह नीम की दातून करने या नीम के काढ़े से कुल्ला करने से मसूड़ों की सूजन और इंफेक्शन कम होता है.

2. त्रिफला चूर्ण से कुल्ला: त्रिफला पाउडर को गुनगुने पानी में मिलाकर कुल्ला करने से मसूड़े मजबूत होते हैं और मुंह की बदबू दूर होती है, यह आयुर्वेद का सबसे भरोसेमंद उपाय माना जाता है.

3. लौंग का तेल या लौंग चबाना:
लौंग में एंटीसेप्टिक और पेन-रिलीविंग गुण होते हैं, मसूड़ों पर लौंग का तेल लगाने या लौंग चबाने से दर्द और सूजन में राहत मिलती है.

4. हल्दी और सरसों तेल का लेप: हल्दी और सरसों तेल को मिलाकर मसूड़ों पर हल्के हाथ से मसाज करने से बैक्टीरिया खत्म होते हैं और खून आना कम होता है.

5. एलोवेरा जेल का इस्तेमाल: एलोवेरा में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं, इसे मसूड़ों पर लगाने से घाव भरने में मदद मिलती है और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं.

    एक्सपर्ट की सलाह
    आयुर्वेदाचार्य डॉ. अनुपमा सिंह के अनुसार, पायरिया सिर्फ दांतों की नहीं, बल्कि पूरे शरीर की समस्या हो सकती है. नियमित ओरल हाइजीन के साथ आयुर्वेदिक उपाय अपनाने से मसूड़ों की जड़ों तक सुधार होता है.

    किन बातों का रखें ध्यान
    दिन में दो बार ब्रश करें, तंबाकू और ज्यादा मीठे से परहेज करें, गुनगुने नमक पानी से कुल्ला करें, समय-समय पर डेंटल चेकअप कराएं.

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