WomenHealth: आज के समय में महिलाओं में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में PCOD (Polycystic Ovarian Disease) एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है. किशोरियों से लेकर कामकाजी महिलाओं तक, बड़ी संख्या में महिलाएं इस हार्मोनल समस्या से जूझ रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, खानपान और तनाव इसके मुख्य कारण हैं.
PCOD क्या है?
PCOD एक हार्मोनल डिसऑर्डर है, जिसमें महिलाओं के ओवरी (अंडाशय) में छोटे-छोटे सिस्ट बनने लगते हैं, इससे पीरियड्स का अनियमित होना, वजन बढ़ना, मुंहासे, चेहरे पर अनचाहे बाल और गर्भधारण में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
क्यों तेजी से बढ़ रही है PCOD की समस्या?
खराब जीवनशैली: लंबे समय तक बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधि की कमी और अनियमित दिनचर्या PCOD के खतरे को बढ़ा रही है.
असंतुलित खानपान: जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, अधिक शुगर और कार्बोहाइड्रेट हार्मोनल असंतुलन पैदा करते हैं.
बढ़ता तनाव (Stress): मानसिक तनाव सीधे तौर पर हार्मोन को प्रभावित करता है, जिससे PCOD का जोखिम बढ़ जाता है.
नींद की कमी: कम या अनियमित नींद से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है, जो PCOD का बड़ा कारण है.
हार्मोनल असंतुलन: थायरॉयड, इंसुलिन रेजिस्टेंस और एंड्रोजन हार्मोन का बढ़ना PCOD को जन्म देता है.
PCOD के आम लक्षण
पीरियड्स का देर से आना या बंद होना, वजन तेजी से बढ़ना, चेहरे पर मुंहासे और बालों का झड़ना, चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल, थकान और मूड स्विंग्स, गर्भधारण में कठिनाई.
PCOD से बचाव और नियंत्रण कैसे करें?
रोज़ाना 30–40 मिनट एक्सरसाइज या योग, हरी सब्ज़ियां, फल और प्रोटीन युक्त आहार, जंक फूड और मीठा कम करें, तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन, 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद, नियमित मेडिकल चेकअप.
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित्रा वर्मा कहती हैं, PCOD कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। सही डायट, नियमित व्यायाम और समय पर चेकअप से इसे नियंत्रित किया जा सकता है.
यह भी पढ़े-SexualHealth: यौन रोग से बचाव के आसान तरीके, हर युवा को पता होना चाहिए























