Ayurvedic remedy for Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) आज एक “साइलेंट किलर” बन चुका है. बदलती लाइफस्टाइल, तनाव और गलत खानपान के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ रही है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, सही दिनचर्या और प्राकृतिक उपाय अपनाकर हाई BP को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है.
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एक्सपर्ट की राय
आयुर्वेदाचार्य डॉ. वसंत लाड के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर शरीर में वात और पित्त के असंतुलन का परिणाम हो सकता है. आयुर्वेद जीवनशैली सुधार और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों के जरिए इसे संतुलित करने पर जोर देता है.
हाई BP से बचने के 5 आयुर्वेदिक उपाय
1. प्राणायाम और ध्यान
रोज 15–20 मिनट अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम करने से तनाव कम होता है और ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है.
2. लहसुन का सेवन
आयुर्वेद में लहसुन को हृदय के लिए लाभकारी माना गया है, सुबह खाली पेट 1–2 कली लहसुन BP को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है.
3. अश्वगंधा का उपयोग
अश्वगंधा एक प्रभावी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो तनाव और एंग्जायटी को कम करती है, तनाव घटेगा तो BP अपने आप कंट्रोल में आएगा.
4. नमक और तली-भुनी चीजों से परहेज
आयुर्वेद विशेषज्ञ मानते हैं कि अधिक नमक पित्त को बढ़ाता है. कम नमक, हल्का और सात्विक भोजन हाई BP वालों के लिए सबसे बेहतर माना जाता है.
5. नियमित दिनचर्या और पर्याप्त नींद
अनियमित नींद और देर रात तक जागना ब्लड प्रेशर बढ़ाने का बड़ा कारण है, रोजाना समय पर सोना और जागना बेहद जरूरी है.
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