Advertisement

FattyLiver: लिवर की तरह हार्ट भी हो सकता है फैटी? जानिए

FattyLiver

Heart Fat Problem: अब तक लोग फैटी लिवर के बारे में तो जानते थे, लेकिन हाल के वर्षों में एक नया सवाल तेजी से सामने आ रहा है. क्या लिवर की तरह हार्ट भी फैटी हो सकता है विशेषज्ञों के अनुसार, सीधे “फैटी हार्ट” कोई आम मेडिकल टर्म नहीं है, लेकिन दिल के आसपास और दिल की मांसपेशियों में फैट जमा होना एक गंभीर समस्या बन सकता है. वहीं AIIMS, नई दिल्ली के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. (प्रो.) बलराम भार्गव के अनुसार, शरीर में जमा अतिरिक्त फैट सिर्फ लिवर तक सीमित नहीं रहता, यह दिल के आसपास जमा होकर हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर का जोखिम बढ़ा सकता है.

Diabetes: ये 5 लक्षण दिखें तो डायबिटीज हो सकता है बेहद खतरनाक

फैटी हार्ट का मतलब क्या है?
जब शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है, तो वह सिर्फ पेट या लिवर तक सीमित नहीं रहता. दिल की मांसपेशियों में फैट जमना, दिल के आसपास की धमनियों में चर्बी जमा होना, इन्हें मिलाकर आम भाषा में लोग “फैटी हार्ट” कहने लगे हैं. मेडिकल भाषा में यह स्थिति कार्डियक फैट, एपिकार्डियल फैट या कोरोनरी आर्टरी डिजीज से जुड़ी होती है.

फैटी हार्ट क्यों है खतरनाक?
दिल में या उसके आसपास फैट जमा होने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है, ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल की समस्या बढ़ती है, दिल की कार्यक्षमता कमजोर हो सकती है.

किन लोगों में ज्यादा खतरा?
इन लोगों में जोखिम ज्यादा होता है मोटापा या पेट की चर्बी, डायबिटीज के मरीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, स्मोकिंग और शराब का सेवन, फिजिकल एक्टिविटी की कमी.

क्या इसके लक्षण होते हैं?
शुरुआत में फैटी हार्ट के कोई खास लक्षण नहीं दिखते, लेकिन समय के साथ सीने में दर्द, जल्दी थकान, सांस फूलना, धड़कन तेज होना, जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं.

कैसे करें बचाव?
संतुलित और लो-फैट डाइट लें, रोज़ाना 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज, वजन और ब्लड शुगर कंट्रोल रखें, कोलेस्ट्रॉल और बीपी की नियमित जांच, स्मोकिंग और शराब से दूरी.

ये भी पढ़े- Diabetes: ये 5 लक्षण दिखें तो डायबिटीज हो सकता है बेहद खतरनाक