टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड में West Indies की शानदार जीत ने टूर्नामेंट के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ 107 रन की बड़ी जीत के बाद कैरेबियाई टीम सेमीफाइनल के बेहद करीब पहुंच गई है, जबकि भारत के लिए अब हालात काफी चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।
वेस्टइंडीज की धमाकेदार जीत
सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 254 रन का विशाल स्कोर बनाया, जो टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे बड़े स्कोर में से एक रहा। जवाब में जिम्बाब्वे 147 रन पर सिमट गया और मुकाबला 107 रन से हार गया।
इस जीत के बाद वेस्टइंडीज का नेट रन रेट +5.35 तक पहुंच गया और टीम ग्रुप में शीर्ष पर आ गई, जिससे उसकी सेमीफाइनल की दावेदारी मजबूत हो गई है।
भारत के लिए क्यों बढ़ा दबाव
भारत पहले ही दक्षिण अफ्रीका से 76 रन की हार झेल चुका है, जिससे उसका नेट रन रेट काफी गिर गया है। अब टीम को सेमीफाइनल की उम्मीद बनाए रखने के लिए बाकी दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे।
विशेषज्ञों के मुताबिक सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत जरूरी है ताकि नेट रन रेट सुधर सके।
सुपर-8 अंक तालिका की स्थिति
- वेस्टइंडीज – 2 अंक, बेहतरीन NRR
- दक्षिण अफ्रीका – 2 अंक
- भारत – 0 अंक, कमजोर NRR
- जिम्बाब्वे – 0 अंक
इस स्थिति ने भारत के लिए सेमीफाइनल की राह कठिन बना दी है।
भारत के सामने क्या समीकरण?
जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज दोनों मैच जीतना जरूरी
बेहतर नेट रन रेट के लिए बड़ी जीत चाहिए
अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भरता
अगर भारत एक भी मैच हारता है, तो सेमीफाइनल की उम्मीद लगभग खत्म हो सकती है।
वेस्टइंडीज की एकतरफा जीत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। जहां कैरेबियाई टीम सेमीफाइनल के करीब है, वहीं भारत के लिए अब हर मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा बन गया है। आने वाले मैच ही तय करेंगे कि टीम इंडिया सेमीफाइनल की रेस में बनी रहती है या बाहर हो जाती है।
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