World Radio Day 2026: हर साल 13 फरवरी को पूरी दुनिया में World Radio Day मनाया जाता है, यह दिन रेडियो की ताकत, उसकी विश्वसनीयता और समाज में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने के लिए समर्पित है. आज के डिजिटल युग में भी रेडियो सूचना, शिक्षा और मनोरंजन का सबसे सुलभ और भरोसेमंद माध्यम बना हुआ है.
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World Radio Day का इतिहास
World Radio Day मनाने की शुरुआत यूनेस्को (UNESCO) ने की थी. वर्ष 2011 में यूनेस्को के सदस्य देशों ने 13 फरवरी को World Radio Day घोषित करने का प्रस्ताव रखा.
इसके बाद वर्ष 2012 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और आधिकारिक रूप से 13 फरवरी को World Radio Day के रूप में मान्यता दी. 13 फरवरी की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि इसी दिन वर्ष 1946 में संयुक्त राष्ट्र रेडियो (United Nations Radio) की स्थापना हुई थी.
रेडियो का आविष्कार और विकास
रेडियो का आविष्कार महान वैज्ञानिक गुग्लिएल्मो मारकोनी (Guglielmo Marconi) ने किया था, इसके बाद रेडियो ने पूरी दुनिया में सूचना क्रांति ला दी. भारत में रेडियो की शुरुआत 1927 में हुई और बाद में आकाशवाणी (All India Radio) देश का प्रमुख सरकारी रेडियो नेटवर्क बना. आज भी आकाशवाणी देश के दूरदराज क्षेत्रों तक समाचार और जानकारी पहुंचाने का काम कर रहा है.
रेडियो का महत्व
रेडियो आज भी कई कारणों से महत्वपूर्ण है, यह सबसे सस्ता और सुलभ संचार माध्यम है, दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से उपलब्ध है, आपदा और आपातकाल में सबसे प्रभावी माध्यम है. शिक्षा, मनोरंजन और जागरूकता का प्रमुख स्रोत है, इंटरनेट न होने पर भी जानकारी उपलब्ध कराता है.
डिजिटल युग में भी रेडियो की ताकत बरकरार
भले ही आज टीवी, इंटरनेट और सोशल मीडिया का दौर है, लेकिन रेडियो की लोकप्रियता अभी भी बनी हुई है. FM रेडियो, ऑनलाइन रेडियो और पॉडकास्ट के माध्यम से रेडियो ने खुद को समय के साथ ढाल लिया है.
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