Spice Garden of India: भारत को मसालों की भूमि कहा जाता है और सदियों से भारतीय मसालों की खुशबू पूरी दुनिया में फैलती रही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का ‘मसालों का बगीचा’ किस राज्य को कहा जाता है? इसका उत्तर है — केरल.
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केरल को ‘मसालों का बगीचा’ क्यों कहा जाता है?
केरल की जलवायु, मिट्टी और भौगोलिक स्थिति मसालों की खेती के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है, यहां उगने वाली काली मिर्च, इलायची, दालचीनी, लौंग, जायफल और अदरक विश्वभर में प्रसिद्ध हैं. इन्हीं मसालों की प्रचुरता के कारण केरल को ‘स्पाइस गार्डन ऑफ इंडिया’ या ‘मसालों का बगीचा’ कहा जाता है.
प्राचीन काल से मसाला व्यापार का केंद्र
इतिहास के अनुसार, केरल के मसालों की मांग प्राचीन रोम, अरब देशों और यूरोप तक थी. विदेशी व्यापारी केरल के समुद्री तटों पर केवल मसालों के व्यापार के लिए आते थे, इसी वजह से केरल को लंबे समय तक वैश्विक मसाला व्यापार का केंद्र माना गया.
काली मिर्च की धरती
केरल को विशेष रूप से ‘काली मिर्च की भूमि’ भी कहा जाता है. एक समय काली मिर्च इतनी कीमती थी कि इसे “काला सोना” कहा जाता था. केरल की काली मिर्च आज भी गुणवत्ता के लिए जानी जाती है.
मसालों से जुड़ी संस्कृति और पर्यटन
आज भी केरल में स्पाइस गार्डन पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं, यहां आने वाले सैलानी मसालों की खेती, उनके औषधीय गुण और पारंपरिक उपयोग के बारे में जान सकते हैं.
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