StudentMentalHealth: बदलते शैक्षणिक माहौल और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच आज के छात्र पढ़ाई के भारी दबाव का सामना कर रहे हैं. अच्छे अंक, करियर की चिंता, माता‑पिता और समाज की अपेक्षाएं, ये सभी कारण छात्रों की मेंटल हेल्थ पर गहरा असर डाल रहे हैं. अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया गया, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं.
Ghaziabad: नौकर की हत्या, एक्शन में पुलिस – आरोपी समेत हथियार बरामद
पढ़ाई का दबाव क्यों बढ़ रहा है?
परीक्षा और रिजल्ट का डर, करियर और भविष्य की चिंता, माता‑पिता की उम्मीदें, सोशल मीडिया और तुलना की आदत, नींद और आराम की कमी.
छात्रों की मेंटल हेल्थ पर असर
पढ़ाई के दबाव के कारण कई छात्र मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनमें शामिल हैं. लगातार तनाव और चिंता, चिड़चिड़ापन और गुस्सा, ध्यान लगाने में परेशानी, आत्मविश्वास की कमी, डिप्रेशन के लक्षण.
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
मनोवैज्ञानिक डॉ. नेहा अग्रवाल के अनुसार, “लगातार पढ़ाई का दबाव छात्रों को मानसिक रूप से कमजोर बना सकता है. जरूरी है कि पढ़ाई के साथ‑साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य का भी उतना ही ध्यान रखा जाए.
कैसे संभालें पढ़ाई का दबाव?
पढ़ाई और आराम के बीच संतुलन बनाएं, समय‑समय पर ब्रेक लें, माता‑पिता और शिक्षकों से खुलकर बात करें. योग, ध्यान और खेल को दिनचर्या में शामिल करें, जरूरत पड़ने पर काउंसलर से सलाह लें.
माता‑पिता और स्कूल की भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें समझने और सपोर्ट करने की जरूरत है, स्कूलों में काउंसलिंग और मेंटल हेल्थ अवेयरनेस प्रोग्राम भी जरूरी हैं.
इसे भी पढ़े-KnowledgeIsTips: भारत की सबसे बड़ी मस्जिद, जानिए इसका इतिहास और खासियत

























