What gas is in a parachute: अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि पैराशूट के अंदर कौन-सी गैस भरी जाती है? कई लोग मानते हैं कि पैराशूट में ऑक्सीजन, हीलियम या कोई विशेष गैस भरी जाती है, जिससे वह हवा में तैरता है, लेकिन विज्ञान और तकनीक के अनुसार यह धारणा पूरी तरह गलत है, आइए जानते हैं पैराशूट से जुड़ा असली सच.
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पैराशूट में कोई गैस नहीं भरी जाती
पैराशूट में न तो ऑक्सीजन भरी जाती है और न ही कोई अन्य गैस, पैराशूट का काम किसी गैस के सहारे उड़ना नहीं, बल्कि हवा के प्रतिरोध (Air Resistance) के सिद्धांत पर आधारित होता है.
पैराशूट काम कैसे करता है?
जब व्यक्ति या वस्तु ऊंचाई से नीचे गिरती है, तो पैराशूट खुलते ही वह आसपास की सामान्य हवा (Air) से भर जाता है
हवा का दबाव पैराशूट की छत पर पड़ता है, इससे गिरने की गति अचानक कम हो जाती है, इसी कारण व्यक्ति सुरक्षित रूप से जमीन तक पहुंच पाता है.
राम-एयर पैराशूट क्या होता है?
आजकल आधुनिक पैराशूट को Ram-Air Parachute कहा जाता है, इसमें पैराशूट के आगे छोटे-छोटे छिद्र होते हैं, गिरते समय हवा अपने आप अंदर भर जाती है, यही हवा पैराशूट को फुलाकर उसे नियंत्रित रखती है, यह पूरी प्रक्रिया प्राकृतिक हवा से होती है, किसी अलग गैस से नहीं.
हीलियम या हाइड्रोजन का भ्रम क्यों?
हीलियम या हाइड्रोजन का उपयोग गुब्बारों, एयरशिप, हॉट एयर बैलून में किया जाता है, क्योंकि ये हवा से हल्की होती हैं. लेकिन पैराशूट का सिद्धांत हल्का होने पर नहीं, बल्कि हवा के घर्षण को बढ़ाने पर आधारित है.
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