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Atal Bihari Vajpayee Jayanti: ‘अटल जयंती’ पर याद करें शिक्षा को लेकर लिया गया ऐतिहासिक फैसला

Atal Bihari Vajpayee education policy

Atal Bihari Vajpayee education policy: भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर देश उनके उन दूरदर्शी फैसलों को याद करता है, जिन्होंने भारत के भविष्य को मजबूत किया. इन्हीं में से एक सबसे महत्वपूर्ण फैसला था शिक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाना. अटल जी मानते थे कि सशक्त भारत की नींव मजबूत शिक्षा व्यवस्था से ही रखी जा सकती है.

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शिक्षा को मिला नया आयाम
अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में शिक्षा को केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार माना गया, उनके नेतृत्व में प्राथमिक और उच्च शिक्षा दोनों क्षेत्रों में बड़े सुधार किए गए। खासतौर पर सर्व शिक्षा अभियान को मजबूती मिली, जिसका उद्देश्य था हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना.

सर्व शिक्षा अभियान की भूमिका
अटल सरकार के दौरान सर्व शिक्षा अभियान को गति मिली, जिससे गरीब, ग्रामीण और वंचित वर्ग के बच्चों को स्कूल से जोड़ने का काम तेज हुआ. नए स्कूल खुले, शिक्षकों की नियुक्ति हुई और बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, इससे स्कूल नामांकन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई.

तकनीकी और उच्च शिक्षा पर जोर
अटल बिहारी वाजपेयी ने केवल प्राथमिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि तकनीकी और उच्च शिक्षा को भी नई दिशा दी. आईआईटी, आईआईएम और इंजीनियरिंग संस्थानों को बढ़ावा मिला, उनका मानना था कि आधुनिक भारत को तकनीक और ज्ञान से ही वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है.

शिक्षा से सशक्त भारत का सपना
अटल जी की सोच थी कि शिक्षा समाज में समानता, आत्मनिर्भरता और विकास लाती है, उन्होंने कहा था कि शिक्षित युवा ही देश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं, उनके फैसलों का असर यह हुआ कि आने वाले वर्षों में भारत का युवा वर्ग वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने लगा.

अटल जयंती पर शिक्षा की सीख
आज अटल जयंती पर जब हम उनके शिक्षा संबंधी फैसलों को याद करते हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने भविष्य की पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार किया, शिक्षा को प्राथमिकता देकर अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को ज्ञान आधारित राष्ट्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया.

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