Atal Bihari Vajpayee भारत के एक महान राजनेता, कवि और तीन बार के प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव मजबूत करने में बहुत अहम भूमिका निभाई। उनका जीवन संघर्ष, लोकतांत्रिक सोच, उच्च चरित्र और भाषण कला के कारण उन्हें देश का लोकप्रिय नेता माना जाता है।
जन्म और पारिवारिक जीवन
- अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में एक मध्यवर्गीय ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
- उनके पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेयी था, जो स्कूल टीचर और कवि थे, और माता का नाम कृष्णा देवी था, जो गृहिणी थीं।
शिक्षा और प्रारंभिक प्रेरणा
- उन्होंने डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट-ग्रेजुएशन की, जहां राष्ट्रवाद और लोकतंत्र के विचारों ने उनके जीवन दृष्टिकोण को गहरा प्रभावित किया।
- वाजपेयी ने प्रारंभिक पढ़ाई ग्वालियर के सरस्वती शिशु मंदिर और गोरखी स्कूल से की, फिर विक्टोरिया कॉलेज (आज महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज) से बी.ए. किया।
आरएसएस, जन संघ और बीजेपी यात्रा
- वे भारतीय जन संघ के स्थापक-सदस्यों में से थे और 1968 से 1972 तक जन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे, बाद में 1980 में बनी भारतीय जनता पार्टी के पहले अध्यक्ष बने।
- वाजपेयी 1939 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और 1940–44 के बीच ऑफिसर्स ट्रेनिंग कैंप करके 1947 में पूर्णकालिक प्रचारक बने।
संसदीय जीवन और विदेश नीति
- 1977 में मोरारजी देसाई सरकार में विदेश मंत्री बने, जहां उनकी मध्यस्थ, संतुलित और प्रगतिशील विदेश नीति दृष्टिकोण को विशेष सराहना मिली।
- वाजपेयी नौ बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे, जिससे वे स्वतंत्रता के बाद के सबसे अनुभवी संसदीय नेताओं में शुमार हुए।
प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल
- उनके नेतृत्व में नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (एनडीए) सरकार ने गठबंधन राजनीति को स्थिरता दी और देश में विकास, सड़क, शिक्षा और अर्थव्यवस्था को केंद्र में रखा।
- वाजपेयी ने तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में सेवा दी: पहली बार 16 मई से 1 जून 1996 तक, दूसरी बार 1998–1999, और तीसरी बार 1999–2004 तक, जो किसी गैर-कांग्रेस सरकार का पहला पूरा 5 वर्ष का कार्यकाल था।
मुख्य नीतियां और उपलब्धियां
- सर्व शिक्षा अभियान के जरिए प्राथमिक शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाने की मुहिम चलाई गई और टेलीकॉम सेक्टर की लिबरलाइजेशन के बाद मोबाइल और इंटरनेट क्रांति तेज हुई।
- उनकी सरकार ने गोल्डन क्वाड्रिलेटरल और नेशनल हाइवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू करके देश के बड़े शहरों को हाई-स्पीड सड़कों से जोड़ा, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए गांव-गांव को सड़क से जोड़ा।
पोखरण-II, कारगिल और विदेश संबंध
- 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने घुसपैठियों को पीछे धकेला, साथ ही उन्होंने विदेशी मंच पर भारत के पक्ष में राजदूतीय मोहिमा चलाकर अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल किया।
- मई 1998 में पोखरण-II परमाणु परीक्षण करवाकर उन्होंने भारत को एक घोषित परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित किया, जिससे देश की रणनीतिक स्थिति मजबूत हुई।
लोकतंत्र, संवाद और कविता
- वे एक लोकप्रिय हिंदी कवि भी थे; उनकी कविताओं में राष्ट्रभक्ति, मानवता, लोकतंत्र और व्यक्तिगत अंतर-द्वंद के विषय स्पष्ट दिखाई देते हैं।
- वाजपेयी अपने मध्यमार्ग, संवाद पर आधारित राजनीतिक अंदाज और विपक्षी दलों के प्रति सम्मानजनक रवैये के लिए जाने जाते थे, जिस कारण उन्हें ‘संसद निर्माता’ माना गया।
अंतिम दिन, सम्मान और विरासत
- उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया, और आज भी उनका जीवन, नेतृत्व शैली, ईमानदारी और विकास के प्रति दृढ़ संकल्प को भारत की राजनीति का एक आदर्श माना जाता है।
- अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को दिल्ली के एम्स में लंबी बीमारी के बाद 93 वर्ष की उम्र में हुआ।
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