Advertisement

Budget 2026: बांग्लादेश को झटका! भारत ने बजट में किस देश को कितना दिया?

Budget 2026: Shock to Bangladesh! How much did India give to which country in the budget?

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में विदेश मंत्रालय (MEA) को विदेश सहयोग और सहायता कार्यक्रमों के लिए भी बड़े फैसले किए गए हैं, जिनसे भारत के पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को मिलने वाली सहायता राशि पर असर पड़ा है।

विदेश सहायता का कुल परिदृश्य

बजट दस्तावेजों के अनुसार भारत ने पड़ोसी देशों और अन्य विकासशील देशों को वित्तीय सहायता जारी रखने की नीति को बनाए रखा है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं।

देश / परियोजनाबजट 2025-26बजट 2026-27बदलाव
भूटानअधिकऔर बढ़ाई गई✅ बढ़ोतरी
नेपालसीमितबढ़ाई गई✅ बढ़ोतरी
श्रीलंकामध्यमबढ़ाई गई✅ बढ़ोतरी
बांग्लादेशज्यादालगभग आधी❌ बड़ी कटौती
मालदीवमध्यमकम की गई❌ कटौती
म्यांमारमध्यमकम की गई❌ कटौती
अफ्रीकी देश / सेशेल्सस्थिरस्थिर➖ कोई बदलाव नहीं
चाबहार पोर्ट (ईरान)आवंटन थाशून्य❌ पूरी तरह हटाया गया
आपदा प्रबंधन सहायतासीमितबढ़ाई गई✅ बढ़ोतरी

मुख्य देशों को कितनी सहायता मिली?

  • भूटान: भूटान को पिछले साल की तुलना में सहायता राशि में वृद्धि मिली है और यह सबसे बड़ा लाभार्थी बना हुआ है।
  • नेपाल: नेपाल को भी मदद राशि बढ़ाई गई है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलती दिख रही है।
  • श्रीलंका: श्रीलंका को भी सहायता राशि में वृद्धि दी गई है, खासकर उसके आर्थिक पुनर्निर्माण के मद्देनज़र।
  • अफ्रीकी देशों और सेशेल्स: इनके लिए राशि में स्थिरता बनी रही, पिछले वर्ष के अनुरूप जारी रखी गई है।

बांग्लादेश की सहायता में बड़ी कटौती

बांग्लादेश को दी जाने वाली सहायता राशि में सबसे अधिक कटौती की गई है — इसे पिछले बजट के मुकाबले लगभग आधा कर दिया गया है। इससे दोनों देशों के रिश्तों और सहयोग प्रोजेक्ट्स पर सवाल उठ रहे हैं।

चाबहार पोर्ट के लिए बजट आवंटन गायब

सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात यह है कि चाबहार पोर्ट परियोजना के लिए इस बार केंद्रीय बजट में कोई राशि नहीं रखी गई है। चाबहार पोर्ट को भारत-ईरान-अफगानिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और व्यापारिक लिंक माना जाता है, जिसे पहले सेफंड मिलते रहे हैं। पिछली बार भी इसके लिए राशि आवंटित की गई थी, लेकिन इस बार यह पंक्ति खाली छोड़ दी गई है, जिससे परियोजना की आगे की दिशा को लेकर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

मालदीव और म्यांमार: राशि में कटौती

मालदीव और म्यांमार को मिलने वाली सहायता राशि में भी क्रमशः कमी की गई है, जिससे भारत-इन्हीं देशों के साझेदारी प्रोग्राम पर असर पड़ सकता है।

आपदा प्रबंधन सहायता में वृद्धि

भारत ने विदेशी देशों में आपदा प्रबंधन सहायता के लिए आवंटन भी बढ़ाया है। पिछली बार की तुलना में इस मद पर राशि बढ़ाकर रखी गई है, ताकि गंभीर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहायता प्रदान की जा सके।

2026-27 के बजट में भारत ने विदेशियों की सहायता में कुछ मजबूत कदम उठाए हैं, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं जैसे चाबहार पोर्ट के लिए आवंटन ना होना रणनीतिक नीतियों में बदलाव की ओर संकेत दे रहा है। इसके अलावा बांग्लादेश, मालदीव और म्यांमार जैसी देशों के लिए सहायता राशि में कटौती ने क्षेत्रीय सहयोग पर नई बहस भी शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें – Budget 2026: बाजार क्रैश, निवेशकों के ₹9.40 लाख करोड़ डूबे