Advertisement

रक्षा ताकत बढ़ाने का मास्टरप्लान! Budget 2026 में सेना पर बड़ा दांव

A masterplan to boost defense power! Budget 2026 places a heavy bet on the military.

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत की रक्षा क्षमताओं को मज़बूत करने पर खास ज़ोर दिया गया है। इस बार के बजट में रक्षा क्षेत्र को अब तक का सबसे बड़ा समर्थन मिला है, जिससे भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के आधुनिकीकरण की रफ्तार तेज होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बदलते वैश्विक हालात और सीमा सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए यह निवेश बेहद ज़रूरी था।

रक्षा मंत्रालय को कितना बजट मिला?

बजट दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा मंत्रालय को कुल लगभग ₹7.85 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है।
यह राशि पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 15 प्रतिशत अधिक है और अब तक का सबसे ऊँचा रक्षा बजट माना जा रहा है।

सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी केवल खर्च नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा में दीर्घकालिक निवेश है।

सेना के आधुनिकीकरण पर सरकार का फोकस

बजट का सबसे अहम हिस्सा कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च) है, जिसे सीधे तौर पर सेनाओं के आधुनिकीकरण से जोड़ा जाता है।

  • कैपिटल खर्च के लिए लगभग ₹2.19 लाख करोड़ तय किए गए हैं
  • इस राशि से
    • नए हथियार सिस्टम
    • आधुनिक टैंक
    • ड्रोन टेक्नोलॉजी
    • सैटेलाइट आधारित निगरानी
    • साइबर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम
      खरीदे जाएंगे

विशेषज्ञों के अनुसार, यह आवंटन भारतीय सेनाओं को 21वीं सदी के युद्ध के लिए तैयार करेगा।

वायुसेना को मिलेगी नई ताकत

बजट 2026 में भारतीय वायुसेना को मजबूत करने के लिए खास प्रावधान किए गए हैं।

  • लड़ाकू विमानों और एयरक्राफ्ट इंजन की खरीद के लिए ₹63,733 करोड़
  • स्वदेशी फाइटर जेट और उन्नत रडार सिस्टम पर निवेश
  • ड्रोन और एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी पर खर्च

इससे वायुसेना की ऑपरेशनल रेडीनेस और मारक क्षमता दोनों बढ़ेंगी।

नौसेना और समुद्री सुरक्षा पर ज़ोर

भारत की समुद्री सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए नौसेना के बजट में भी इज़ाफा किया गया है।

  • नए युद्धपोत और पनडुब्बी परियोजनाएं
  • हिंद महासागर क्षेत्र में निगरानी क्षमता बढ़ाने पर निवेश
  • स्वदेशी शिपबिल्डिंग को बढ़ावा

सरकार का मानना है कि समुद्री ताकत बढ़ाना भारत की रणनीतिक जरूरत बन चुकी है।

आत्मनिर्भर भारत और रक्षा उत्पादन

Budget 2026 में Make in India और आत्मनिर्भर भारत को रक्षा क्षेत्र में और मज़बूती दी गई है।

  • घरेलू रक्षा कंपनियों से खरीद को प्राथमिकता
  • विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य
  • निजी क्षेत्र और स्टार्टअप्स को रक्षा उत्पादन में बढ़ावा

इससे न केवल सुरक्षा मज़बूत होगी, बल्कि रोज़गार और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट को भी बल मिलेगा।

भू-राजनीतिक हालात का असर

विशेषज्ञ मानते हैं कि सीमाओं पर बढ़ते तनाव, वैश्विक अस्थिरता और आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति ने सरकार को रक्षा बजट बढ़ाने के लिए मजबूर किया।
ड्रोन वारफेयर, साइबर अटैक और स्पेस डिफेंस जैसे क्षेत्रों में निवेश अब अनिवार्य हो चुका है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह भारत की रणनीतिक सोच में बदलाव को दर्शाता है।
लंबे समय में इससे भारत की सैन्य शक्ति, आत्मनिर्भरता और वैश्विक स्थिति मजबूत होगी।

Budget 2026 ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। रिकॉर्ड रक्षा बजट, आधुनिकीकरण पर फोकस और आत्मनिर्भरता की नीति से आने वाले वर्षों में भारतीय सशस्त्र बल और अधिक सक्षम और ताकतवर बनेंगे।

यह भी पढ़ें – Budget 2026: बांग्लादेश को झटका! भारत ने बजट में किस देश को कितना दिया?