MaghMonth: हिंदू धर्म में माघ माह को अत्यंत पवित्र माना गया है. विशेष रूप से माघ महीने में त्रिवेणी संगम पर किया गया स्नान जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करने वाला बताया गया है, यही कारण है कि हर साल लाखों श्रद्धालु माघ माह में संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाते हैं.
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त्रिवेणी संगम का विशेष महत्व
त्रिवेणी संगम वह पवित्र स्थल है जहां गंगा, यमुना, और अदृश्य सरस्वती का संगम होता है. शास्त्रों के अनुसार, यह स्थान स्वयं तीर्थराज प्रयाग कहलाता है.
माघ माह को क्यों कहा गया है श्रेष्ठ?
माघ माह में सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, इसे उत्तरायण काल की शुरुआत माना जाता है. इस समय देवता पृथ्वी के समीप होते हैं, ऐसी धार्मिक मान्यता है.
शास्त्रों में माघ स्नान का वर्णन
पद्म पुराण और स्कंद पुराण में उल्लेख मिलता है कि माघ माह में संगम स्नान करने से हजार यज्ञों के बराबर पुण्य सभी पापों का क्षय, मोक्ष की प्राप्ति होती है.
कल्पवास और माघ स्नान
माघ माह में संगम तट पर कल्पवास की परंपरा है, साधु-संत और श्रद्धालु एक माह तक संयमित जीवन जीते हैं. नियमित स्नान, दान और जप से आत्मशुद्धि मानी जाती है.
किस दिन का स्नान सबसे श्रेष्ठ?
माघ पूर्णिमा, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी इन तिथियों को माघ स्नान का विशेष फल बताया गया है.
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