HolikaDahan2026: फाल्गुन पूर्णिमा की रात होने वाला होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है, यह पर्व भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और होलिका के दहन की कथा से जुड़ा है, लेकिन कई जगहों पर मान्यता है कि होलिका दहन के समय कुछ लोगों को अग्नि देखने या शामिल होने से मना किया जाता है. आखिर इसके पीछे क्या कारण है?
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क्या कहती हैं धार्मिक मान्यताएं?
कुछ परंपराओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं को होलिका दहन की अग्नि से दूर रहने की सलाह दी जाती है माना जाता है कि तेज धुआं और भीड़ स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है, इसके बाद नवजात शिशुओं को भी धुएं और शोर-शराबे से बचाने की परंपरा है.
क्या यह शास्त्रों में लिखा है?
धार्मिक ग्रंथों में स्पष्ट रूप से किसी विशेष व्यक्ति को होलिका दहन देखने से रोकने का उल्लेख नहीं मिलता, यह मान्यताएं लोक परंपराओं और क्षेत्रीय रीति-रिवाजों पर आधारित हैं.
क्या करें?
होलिका दहन के समय सुरक्षित दूरी रखें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, भीड़भाड़ और धुएं से बचाव के उपाय अपनाएं.
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