Shri Krishna Flower: भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में फूलों का विशेष महत्व माना गया है शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ फूल ऐसे हैं जिन्हें श्रीकृष्ण को अर्पित करने से वे विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा के साथ चढ़ाया गया फूल भी भगवान को प्रिय हो जाता है, लेकिन फिर भी कुछ पुष्पों का उल्लेख विशेष रूप से किया गया है.
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श्रीकृष्ण जी को ये फूल सबसे ज्यादा प्रिय हैं?
कमल (Lotus)
कमल को पवित्रता और दिव्यता का प्रतीक माना जाता है. शास्त्रों में श्रीकृष्ण की तुलना कमल से की गई है. कमल नयन, कमल चरण, इसलिए कमल का फूल कृष्ण पूजा में अत्यंत शुभ माना जाता है.
तुलसी के फूल
तुलसी भगवान श्रीकृष्ण को सबसे प्रिय मानी जाती हैं, मान्यता है कि तुलसी के बिना कृष्ण पूजा अधूरी मानी जाती है. तुलसी के फूल या पत्ते अर्पित करने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है.
चमेली (मोगरा)
सफेद और सुगंधित चमेली का फूल शुद्धता और प्रेम का प्रतीक है, यह फूल श्रीकृष्ण को अर्पित करने से मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता है.
कदंब का फूल
कदंब का वृक्ष और उसका फूल ब्रजभूमि से जुड़ा हुआ है, मान्यता है कि श्रीकृष्ण को कदंब का फूल अत्यंत प्रिय है और यह उनकी लीलाओं से जुड़ा माना जाता है.
गुलाब
गुलाब प्रेम और भक्ति का प्रतीक है, लाल या गुलाबी गुलाब को कृष्ण जी को अर्पित करने से भक्ति भाव मजबूत होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है.
किन फूलों से बचें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कंटेदार, टूटे हुए या मुरझाए फूल भगवान को अर्पित नहीं करने चाहिए. साथ ही केतकी का फूल कृष्ण पूजा में वर्जित माना जाता है.
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