Lord Shiva favorite flower: भगवान शिव की पूजा में जल, बेलपत्र, धतूरा और भस्म के साथ फूलों का विशेष महत्व माना गया है, लेकिन भक्तों के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि भगवान शिव को सबसे प्रिय कौन सा फूल है? शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चलिए जानते हैं.
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भगवान शिव को सबसे प्रिय है फूल
धार्मिक ग्रंथों और पुराणों के अनुसार धतूरा का फूल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है, मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला था, तब भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए विषपान किया, उसी विष के प्रभाव को शांत करने के लिए धतूरा अर्पित करने की परंपरा शुरू हुई.
शास्त्रीय मान्यता:
धतूरा शिव के त्याग, वैराग्य और तपस्या का प्रतीक है, इसलिए यह फूल उन्हें विशेष रूप से प्रिय है.
आक (मदार) का फूल भी है अत्यंत शुभ– धतूरा के अलावा आक या मदार का फूल भी शिव पूजा में विशेष स्थान रखता है, यह फूल कठिन परिस्थितियों में भी खिलता है, जो भगवान शिव के तपस्वी और संन्यासी स्वरूप को दर्शाता है.
कमल नहीं चढ़ाया जाता, जानिए कारण– जहां अधिकतर देवी-देवताओं को कमल प्रिय है, वहीं भगवान शिव को कमल का फूल अर्पित नहीं किया जाता, मान्यता है कि कमल लक्ष्मी जी से जुड़ा हुआ है और शिव पूजा में सादगी व त्याग को प्राथमिकता दी जाती है.
बेलपत्र का महत्व सबसे अलग– फूलों के साथ-साथ बेलपत्र को भी शिव पूजा में सर्वोच्च स्थान दिया गया है, तीन पत्तियों वाला बेलपत्र त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माना जाता है.
कब और कैसे चढ़ाएं फूल?
फूल हमेशा ताजे और बिना टूटे होने चाहिए. पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें, धतूरा और आक के फूल शुद्ध भाव से अर्पित करें.
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