Chaitra Navratri 2026 Kalash Visarjan: आज महानवमी तिथि के समाप्ति के साथ ही चैत्र नवरात्रि का समापन हो गया. नौ दिनों तक चलने वाली देवी उपासना के बाद अब श्रद्धालु कलशविसर्जन की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि कलश विसर्जन का सही समय और तरीका क्या है?
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कब करें कलश विसर्जन?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में स्थापित कलश का विसर्जन आमतौर पर महानवमी के बाद या विजयादशमी (दशमी तिथि) के दिन किया जाता है. जो श्रद्धालु नवमी पर व्रत का पारण करते हैं, वे उसी दिन पूजा के बाद कलश विसर्जित कर सकते हैं, जबकि कई लोग अगले दिन दशमी तिथि को शुभ मानते हैं.
क्या है सही मुहूर्त?
सुबह स्नान के बाद शुभ समय में विसर्जन करना उत्तम माना जाता है, कन्या पूजन और हवन के बाद कलश विसर्जन करना चाहिए, घर के सभी सदस्यों की उपस्थिति में विधि-विधान से विसर्जन करें.
कैसे करें कलश विसर्जन?
सबसे पहले मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और आरती करें, कलश का जल पूरे घर में छिड़कें, इसे पवित्र माना जाता है, बचा हुआ जल पौधों या बहते जल में अर्पित करें, कलश पर रखा नारियल और पत्ते भी प्रकृति को समर्पित करें.
किन बातों का रखें ध्यान?
कलश को कभी भी अनादरपूर्वक न रखें, विसर्जन के समय साफ-सफाई और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें, प्लास्टिक या गैर-प्राकृतिक सामग्री का उपयोग न करें.
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