Rangbhari Ekadashi Date 2026: होली से पहले आने वाली रंगभरी एकादशी का हिंदू धर्म में खास महत्व माना जाता है, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. खास तौर पर उत्तर भारत और वाराणसी में यह पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है, इस एकादशी को आमलकी एकादशी या आंवला एकादशी भी कहा जाता है.
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रंगभरी एकादशी कब है?
फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी कहा जाता है, हर साल पंचांग के अनुसार इसकी तारीख बदलती है, इस साल रंगभरी एकादशी 27 फरवरी को मनाई जाएगी. इस दिन से होली के रंगों और उत्सव की शुरुआत मानी जाती है.
रंगभरी एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव माता पार्वती को विवाह के बाद पहली बार अपने घर काशी लेकर आए थे, इसी खुशी में रंग-गुलाल से उनका स्वागत किया गया. तभी से इस दिन रंगभरी एकादशी मनाई जाती है और होली का रंगीन माहौल शुरू होता है.
कैसे करें पूजा?
सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें, अबीर-गुलाल अर्पित करें, “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें, जरूरतमंदों को दान दें.
क्यों है खास यह दिन?
रंगभरी एकादशी को प्रेम, खुशी और उत्सव का प्रतीक माना जाता है, इस दिन से होली की तैयारियां शुरू हो जाती हैं और घर-घर में खुशी का माहौल बन जाता है.
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