Skandamata Puja Vidhi: चैत्र नवरात्रि का हर दिन अपने साथ एक अलग ऊर्जा और संकेत लेकर आता है, लेकिन आज पांचवां दिन विशेष रूप से मां स्कंदमाता की पूजा के लिए समर्पित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है.
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मां स्कंदमाता को क्या भोग लगाएं?
मां स्कंदमाता को खासतौर पर केले (banana) का भोग अत्यंत प्रिय माना जाता है, मान्यता है कि उन्हें केले का भोग अर्पित करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं. इसके अलावा आप दूध से बनी मिठाइयां, खीर और पंचामृत भी अर्पित कर सकते हैं, यह भोग मां को प्रसन्न करने के साथ-साथ घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है.
पूजा के जरूरी नियम
पूजा से पहले घर और पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखें, मां को पीले या सफेद फूल अर्पित करें, केले का भोग लगाकर बाद में प्रसाद रूप में बांटें, इसके बाद पूजा के दौरान “ॐ देवी स्कंदमातायै नमः” मंत्र का जाप करें, मन में श्रद्धा और विश्वास बनाए रखें, यही सबसे महत्वपूर्ण है.
क्यों खास है पांचवां दिन?
मां स्कंदमाता को मातृत्व, करुणा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है, उनकी पूजा करने से संतान सुख, मानसिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
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