Ramadan2026: दुनिया भर के मुसलमानों के लिए रमजान का महीना बेहद पवित्र माना जाता है, इस दौरान रोजा रखा जाता है. नमाज अदा की जाती है और जरूरतमंदों की मदद की जाती है, लेकिन रमजान का असली मतलब सिर्फ भूखे-प्यासे रहना नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सब्र और इंसानियत को अपनाना है.
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रमजान का धार्मिक महत्व
इस्लाम धर्म में माना जाता है कि इसी महीने में कुरआन का अवतरण हुआ था, जिसे पैगंबर मुहम्मद को दिया गया, इसलिए रमजान को रहमत, बरकत और मग़फिरत का महीना कहा जाता है.
रोजा रखने का असली उद्देश्य
रोजा सिर्फ भूखे रहना नहीं, बल्कि बुरी आदतों से दूर रहना, मन को शुद्ध करना और जरूरतमंदों की पीड़ा को समझना है, इससे इंसान में धैर्य, अनुशासन और सहानुभूति बढ़ती है.
दान और सेवा का संदेश
रमजान में जकात और सदका देने की खास अहमियत होती है, लोग गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं, जिससे समाज में बराबरी और भाईचारे की भावना मजबूत होती है.
आध्यात्मिक शांति और आत्मचिंतन
रमज़ान आत्मचिंतन और खुद को बेहतर इंसान बनाने का समय है. इस महीने में इबादत, कुरआन पढ़ना और अच्छे काम करने से आत्मिक शांति मिलती है.
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