Ramadan2026: रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना माना जाता है, वहीं इस्लाम धर्म में रमजान का महीना बेहद पवित्र माना जाता है. इस पूरे महीने मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और रोजा रखते हैं. रोजा खोलते समय खजूर खाने की परंपरा भी इसी पवित्र महीने से जुड़ी एक अहम सुन्नत मानी जाती है.
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कब शुरू हुई खजूर से रोजा खोलने की परंपरा?
इतिहास के अनुसार, इस परंपरा की शुरुआत इस्लाम के पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद के समय से मानी जाती है, उन्होंने रोजा खोलते समय खजूर खाने की सलाह दी थी, यही वजह है कि आज भी दुनिया भर के मुसलमान इफ्तार की शुरुआत खजूर से करते हैं.
क्या बिना खजूर रोजा खोल सकते हैं?
अगर खजूर उपलब्ध न हो, तो पानी या किसी मीठी चीज से भी रोजा खोला जा सकता है, लेकिन खजूर से रोजा खोलना सबसे बेहतर और सुन्नत माना जाता है.
खजूर से रोजा खोलने के पीछे कारण
1. धार्मिक कारण- पैग़म्बर मुहम्मद की सुन्नत होने के कारण इसे अपनाया जाता है.
2. सेहत के फायदे- खजूर में नेचुरल शुगर होती है, तुरंत ऊर्जा मिलती है, पेट पर हल्का होता है.
3. परंपरा और एकता- दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय में यह एक समान परंपरा बन गई है, जो एकता का संदेश देती है.
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