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MakarSankranti2026: आज नहीं कल? मकर संक्रांति की सही तारीख जानना जरूरी है

Makar Sankranti correct date: मकर संक्रांति भारत के प्रमुख सूर्य पर्वों में से एक है, लेकिन हर साल लोगों के मन में यही सवाल उठता है. मकर संक्रांति आज है या कल? कई बार सोशल मीडिया, कैलेंडर और स्थानीय परंपराओं की वजह से तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बन जाती है, ऐसे में सही तिथि जानना बेहद जरूरी हो जाता है, खासकर पूजा-पाठ, दान और स्नान के लिए.

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मकर संक्रांति कब मनाई जाती है?
मकर संक्रांति उस दिन मनाई जाती है जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसे सूर्य का उत्तरायण होना भी कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जैसे ही सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, उसी समय से मकर संक्रांति का पर्व माना जाता है.

14 या 15 जनवरी का कन्फ्यूजन क्यों?
अधिकतर वर्षों में मकर संक्रांति 14 जनवरी को पड़ती है, लेकिन कुछ वर्षों में सूर्य का गोचर देर रात या मध्यरात्रि के बाद होता है. अगर सूर्य का मकर में प्रवेश दिन में होता है, तो उसी दिन संक्रांति मानी जाती है, यदि गोचर रात में होता है, तो कई पंचांगों के अनुसार पर्व अगले दिन मनाया जाता है, इसी कारण कभी-कभी मकर संक्रांति 15 जनवरी को भी मनाई जाती है और लोगों को लगता है. यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मकर संक्रांति आज और कल दोनों दिन मनाई जा रही है. 

पूजा और दान के लिए सही दिन क्यों जरूरी है?
मकर संक्रांति पर सूर्य देव की पूजा, गंगा स्नान, तिल-गुड़ का दान, खिचड़ी और तिल के लड्डू का भोग विशेष महत्व रखते हैं. माना जाता है कि सही तिथि और शुभ मुहूर्त में किए गए दान-पुण्य से कई गुना फल प्राप्त होता है.

भ्रम से कैसे बचें?
स्थानीय पंचांग या धार्मिक कैलेंडर देखें, मान्य ज्योतिषियों या मंदिरों द्वारा बताई गई तिथि पर भरोसा करें, सोशल मीडिया की अधूरी जानकारी पर पूरी तरह निर्भर न रहें.

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