ReligiousTourism: माघ मेला हिंदू धर्म का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाते हैं. Magh Mela 2026 के दौरान संगम स्नान के बाद तीर्थयात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक प्रयागराज के प्रमुख मंदिरों के दर्शन न कर लिए जाएं, अगर आप भी माघ मेले में आ रहे हैं, तो संगम स्नान के बाद इन 5 मंदिरों के दर्शन जरूर करें.
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इन 5 मंदिरों को जरूर देखें
1. लेटे हुए हनुमान जी मंदिर
यह मंदिर संगम क्षेत्र के पास स्थित है और यहां हनुमान जी की लेटे हुए मुद्रा में प्रतिमा विराजमान है, मान्यता है कि संगम स्नान के बाद यहां दर्शन करने से संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
2. अलोपशंकरी देवी मंदिर
यह शक्तिपीठ माता सती से जुड़ा हुआ है. मान्यता के अनुसार, यहां देवी का कोई अंग नहीं गिरा था, इसलिए इसे “अलोप” कहा जाता है, श्रद्धालु यहां दर्शन कर विशेष शांति और शक्ति का अनुभव करते हैं.
3. नाग वासुकी मंदिर
गंगा तट पर स्थित यह मंदिर नाग देवता को समर्पित है, माघ मेले के दौरान यहां विशेष पूजा होती है. कालसर्प दोष और ग्रह बाधाओं से मुक्ति के लिए यह मंदिर खास माना जाता है.
4. बड़े हनुमान जी मंदिर
प्रयागराज का यह प्रसिद्ध मंदिर भक्तों के बीच विशेष आस्था का केंद्र है, कहा जाता है कि यहां दर्शन करने से भय और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है.
5. शंकर विमान मंडपम (शिव मंदिर)
यह दक्षिण भारतीय शैली में बना भव्य शिव मंदिर है, संगम स्नान के बाद यहां भगवान शिव का जलाभिषेक करने से आध्यात्मिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है.
माघ मेले में मंदिर दर्शन का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मेले में संगम स्नान के साथ-साथ मंदिर दर्शन करने से पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है. यही कारण है कि साधु-संत और श्रद्धालु संगम स्नान के बाद इन मंदिरों की यात्रा अवश्य करते हैं.
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