Lohri story for family: उत्तर भारत में हर साल 13 जनवरी को मनाई जाने वाली लोहड़ी सिर्फ ठंड से राहत देने वाला त्योहार नहीं है, बल्कि यह खुशियों, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है. लोहड़ी की सबसे खास परंपरा है रात में कथा सुनना, जिससे परिवार और समाज में सुख-शांति बनी रहती है.
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लोहड़ी की कथा का महत्व
लोहड़ी की रात अक्सर लोग आग के चारों ओर इकट्ठा होते हैं और लोककथा सुनते हैं, इनमें सबसे प्रसिद्ध कथा है दुल्ला भट्टी की वीरता और लोककथा, कहा जाता है कि मुगलकाल में दुल्ला भट्टी ने गरीब और असहाय लड़कियों की रक्षा की थी. उनके साहस और पराक्रम की यह कहानी सुनकर सकारात्मक ऊर्जा और हिम्मत मिलती है.
खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक
कथा सुनने के साथ ही लोग आग में तिल, मूंगफली और गुड़ डालते हैं, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है. यह परंपरा पुराने साल की परेशानियों और नकारात्मकताओं को दूर करने का भी एक तरीका मानी जाती है.
बच्चों और परिवार के लिए लाभ
बच्चों को लोककथाएं सुनाने से संस्कार और संस्कृति की समझ बढ़ती है. परिवार के सभी सदस्य मिलकर कथा सुनते हैं, जिससे संबंध मजबूत होते हैं, कथा सुनते समय मन में शुभकामनाएं और धन्यवाद रखना अत्यंत लाभकारी माना जाता है.
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