Importance of lighting a ghee lamp: भारतीय सनातन परंपरा में दीपक जलाने को अत्यंत शुभ माना गया है. विशेष रूप से घी का दीपक न केवल पूजा-पाठ का अभिन्न हिस्सा है, बल्कि इसे देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करने का सरल और प्रभावशाली उपाय बताया गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रतिदिन घी का दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और देवी-देवता प्रसन्न होते हैं.
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शास्त्रों में दीपक का महत्व
पुराणों और शास्त्रों में घी के दीपक को पवित्रता और सात्त्विकता का प्रतीक माना गया है. कहा जाता है कि घी से जलने वाला दीपक वातावरण को शुद्ध करता है और नकारात्मक शक्तियों को दूर रखता है, यही कारण है कि पूजा के समय तेल के बजाय घी का दीपक जलाने को अधिक शुभ माना गया है.
देवी-देवताओं की कृपा का माध्यम
धार्मिक मान्यता है कि प्रतिदिन सुबह या शाम घी का दीपक जलाने से भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. माना जाता है कि दीपक की लौ जितनी स्थिर रहती है, उतनी ही स्थिरता और शांति जीवन में आती है, इससे धन, सुख और समृद्धि का वास होता है.
नकारात्मकता से मुक्ति
घी का दीपक जलाने से घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा कम होती है. दीपक की रोशनी मानसिक तनाव को दूर करने में भी सहायक मानी जाती है, नियमित रूप से दीपक जलाने से मन शांत रहता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.
कब और कैसे जलाएं दीपक
धार्मिक जानकारों के अनुसार सूर्यास्त के बाद घर के मंदिर या मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाना शुभ होता है. दीपक जलाते समय मन में सकारात्मक भावना और श्रद्धा रखना आवश्यक बताया गया है. कुल मिलाकर, हर दिन घी का दीपक जलाना केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सुख-शांति, सकारात्मकता और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करने का एक सरल उपाय माना जाता है, जिसे अपनाकर घर का वातावरण पवित्र और मंगलमय बनाया जा सकता है.
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