GuptNavratri: हिंदू धर्म में गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है. आज यानी 19 जनवरी से गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है, यह नवरात्रि विशेष रूप से साधकों, तांत्रिक उपासना करने वालों और शक्ति आराधकों के लिए महत्वपूर्ण होती है.
साल में दो बार आने वाली गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के दस महाविद्या स्वरूपों की पूजा की जाती है, माना जाता है कि गुप्त नवरात्रि के पहले दिन की पूजा सही विधि से करने पर पूरे नवरात्रि काल की साधना सफल होती है, आइए जानते हैं पहले दिन से जुड़ी 3 जरूरी बातें, जिन्हें जानना हर भक्त के लिए आवश्यक है.
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ये 3 जरूरी बातें
1. पहले दिन सही संकल्प लेना है सबसे जरूरी- गुप्त नवरात्रि के पहले दिन पूजा की शुरुआत संकल्प से होती है. बिना संकल्प के की गई पूजा को अधूरा माना जाता है। इस दिन मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहकर मां दुर्गा की उपासना का संकल्प लें. संकल्प लेते समय अपनी इच्छा, साधना का उद्देश्य और पूजा की अवधि स्पष्ट रूप से मन में रखें, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गलत या अधूरा संकल्प साधना में बाधा उत्पन्न कर सकता है.
2. कलश स्थापना और पूजा विधि में न करें ये गलती- पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है. कलश स्थापित करते समय दिशा, स्थान और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें. पूजा स्थल साफ-सुथरा होना चाहिए और कलश में गंगाजल, अक्षत, सुपारी और नारियल अवश्य रखें. मान्यता है कि कलश स्थापना में की गई गलती पूरे नवरात्रि की पूजा को प्रभावित कर सकती है. साथ ही, पहले दिन मां शैलपुत्री या महाविद्या काली स्वरूप की पूजा करने का विधान है.
3. खान-पान और आचरण में रखें विशेष संयम– गुप्त नवरात्रि के पहले दिन से ही सात्विक आहार अपनाना बेहद आवश्यक माना जाता है. मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन से दूरी बनाए रखें. इसके साथ ही वाणी में संयम, क्रोध से बचाव और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए. धार्मिक मान्यता है कि पहले दिन का आचरण पूरे नवरात्रि काल के फल को निर्धारित करता है.
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