RangbhariEkadashi2026: फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाने वाली रंगभरी एकादशी खास तौर पर भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन की खुशी में मनाई जाती है. खासकर काशी विश्वनाथ मंदिर और पूरे वाराणसी में इस दिन विशेष उत्सव होता है और होली की शुरुआत मानी जाती है, धार्मिक मान्यता है कि इस दिन कुछ खास काम करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है.
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ये 5 काम जरूर करें
भगवान शिव-पार्वती की पूजा करें– सुबह स्नान कर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें, बेलपत्र, दूध, गंगाजल और अबीर-गुलाल अर्पित करने से वैवाहिक जीवन और परिवार में खुशहाली आती है.
अबीर-गुलाल अर्पित करें- रंगभरी एकादशी होली का शुभ आरंभ मानी जाती है, इस दिन भगवान को गुलाल चढ़ाने और परिवार में हल्का-सा रंग खेलने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.
दान-पुण्य जरूर करें- गरीबों को अन्न, कपड़े या मिठाई का दान करें, धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है और पापों का नाश होता है.
व्रत रखकर फलाहार करें- एकादशी का व्रत रखने से मन और शरीर शुद्ध होते हैं. फलाहार और सात्विक भोजन करने से स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है और भगवान की कृपा मिलती है.
भजन-कीर्तन और सत्संग करें- शाम को परिवार के साथ भजन-कीर्तन करें, शिव-पार्वती के भजन सुनने और सत्संग करने से घर में सकारात्मक माहौल बनता है.
धार्मिक महत्व
मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती को पहली बार काशी लेकर आए थे, इसलिए इसे रंगभरी एकादशी कहा जाता है, इसके बाद से होली के रंगों का उत्सव शुरू हो जाता है.
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