SaraswatiPuja: बसंत पंचमी का पर्व मां सरस्वती को समर्पित है, जिन्हें विद्या, बुद्धि, वाणी और कला की देवी माना जाता है. मान्यता है कि इस पावन दिन यदि श्रद्धा और नियम से विशेष मंत्र का जप किया जाए, तो मां सरस्वती की कृपा से ज्ञान, स्मरण शक्ति और पढ़ाई में सफलता प्राप्त होती है, शास्त्रों में बताया गया है कि बसंत पंचमी पर केवल 11 बार मंत्र जप भी अत्यंत फलदायी होता है.
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कौन-सा है वह चमत्कारी मंत्र?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी पर यह मंत्र जपना विशेष लाभ देता है. “सरस्वती नमस्तुभ्यं, वरदे कामरूपिणी। विद्यारंभं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा” यह मंत्र मां सरस्वती को अत्यंत प्रिय माना जाता है और इसे विद्या प्राप्ति का सबसे प्रभावशाली मंत्र कहा गया है.
11 बार जप का क्या महत्व है?
अंक 11 को आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ माना गया है, माना जाता है कि 11 बार जप करने से मन एकाग्र होता है और मंत्र शीघ्र फल देता है. विद्यार्थियों के लिए यह जप स्मरण शक्ति बढ़ाने और परीक्षा में सफलता दिलाने वाला माना जाता है.
मंत्र जप की सही विधि
बसंत पंचमी की सुबह स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें, मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र के सामने बैठें, सामने कलम और किताब रखें, मन को शांत कर 11 बार मंत्र का जप करें, अंत में मां से विद्या और सद्बुद्धि की प्रार्थना करें.
किसे करना चाहिए यह मंत्र जप?
छात्र-छात्राएं, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा, शिक्षक, लेखक, पत्रकार, कलाकार वे लोग जिनकी पढ़ाई या करियर में रुकावट आ रही हो.
धार्मिक मान्यता क्या कहती है?
स्वामी दिनेशभारती गुरुजी के अनुसार, बसंत पंचमी पर इस मंत्र का जप करने से अज्ञान का नाश होता है और व्यक्ति में ज्ञान, विवेक व सकारात्मक सोच का विकास होता है, यही कारण है कि इस दिन स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में सरस्वती पूजा विशेष रूप से की जाती है.
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