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Shivratri-Mahashivratri: 12 शिवरात्रि और 1 महाशिवरात्रि, फर्क क्या है?

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Difference Between Shivratri And Mahashivratri: हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष में 12 मासिक शिवरात्रि आती हैं, जबकि महाशिवरात्रि केवल एक बार मनाई जाती है, नाम समान होने के कारण कई लोग दोनों को एक जैसा मान लेते हैं, लेकिन धर्माचार्यों के अनुसार दोनों के धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व में स्पष्ट अंतर है.

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क्या है मासिक शिवरात्रि?
मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है, यह दिन भगवान शिव की नियमित आराधना और आत्मशुद्धि के लिए समर्पित होता है. इस दिन भक्त व्रत, रुद्राभिषेक और शिव नाम जप करते हैं. मासिक शिवरात्रि का उद्देश्य निरंतर साधना और संयम माना गया है.

क्यों खास है महाशिवरात्रि?
महाशिवरात्रि फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को आती है और इसे शिव भक्ति का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. कुछ ग्रंथों में इसे शिव के लिंग रूप में प्रकट होने का दिन भी बताया गया है, इस दिन किया गया व्रत और जागरण हजारों गुना फलदायी माना जाता है.

पूजा-विधि और फल में अंतर
धर्म विशेषज्ञों के अनुसार मासिक शिवरात्रि: साधारण व्रत, सीमित पूजा, व्यक्तिगत साधना.
महाशिवरात्रि: रात्रि जागरण, चार प्रहर की पूजा, विशेष अभिषेक और दान-पुण्य, मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर किया गया शिव पूजन मोक्ष की ओर ले जाने वाला होता है,

क्या दोनों का व्रत एक जैसा होता है?
मासिक शिवरात्रि में लोग सामान्य उपवास या फलाहार करते हैं, जबकि महाशिवरात्रि में कठोर व्रत, ब्रह्मचर्य और रात्रि जागरण का विशेष महत्व है,

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