Maa Kalratri Puja Vidhi: चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि को समर्पित होता है, जिन्हें शक्ति का सबसे उग्र और प्रभावशाली रूप माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों के सभी भय, बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों का नाश करती हैं. उनका स्वरूप भले ही भयंकर हो, लेकिन वे अपने भक्तों को सदैव शुभ फल प्रदान करती हैं.
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इस दिन विशेष विधि-विधान से मां कालरात्रि की पूजा करने का महत्व बताया गया है, माना जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
पूजा की विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें, इसके बाद पूजा स्थान पर मां कालरात्रि की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें, दीपक जलाकर माता को गुड़ का भोग अर्पित करें, क्योंकि इस दिन गुड़ चढ़ाना शुभ माना जाता है.
इसके साथ ही लाल फूल और रोली अर्पित करें. पूजा के दौरान “ॐ देवी कालरात्र्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें, यह मंत्र मां कालरात्रि को प्रसन्न करने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है.
शुभ मुहूर्त और विशेष उपाय
मां कालरात्रि की पूजा प्रातःकाल या रात्रि के समय करना विशेष फलदायी माना जाता है, इस दिन जरूरतमंदों को दान करना भी अत्यंत पुण्यदायी होता है. मान्यता है कि इससे मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं.
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