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NavratriDay3: नवरात्रि के तीसरे दिन क्यों खास हैं मां चंद्रघंटा? जानिए

Chandraghanta Puja,

Maa Chandraghanta Puja: नवरात्रि का तीसरा दिन देवी दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है, इस दिन भक्त पूरे श्रद्धा भाव से माता की पूजा-अर्चना करते हैं और सुख-शांति की कामना करते हैं. माना जाता है कि मां चंद्रघंटा की कृपा से जीवन के सभी भय, कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है.

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कौन हैं मां चंद्रघंटा?
मां चंद्रघंटा का स्वरूप अत्यंत दिव्य और प्रभावशाली है, उनके मस्तक पर अर्धचंद्र (घंटा के आकार का) सुशोभित होता है, इसी कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है. उनका रूप युद्ध के लिए तत्पर और भक्तों की रक्षा करने वाला है, वे सिंह पर सवार रहती हैं और उनके दस हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र होते हैं.

क्यों खास है तीसरा दिन?
नवरात्रि का तीसरा दिन इसलिए विशेष माना जाता है क्योंकि इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा से भय और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है, जीवन में साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है, मानसिक शांति और संतुलन प्राप्त होता है, सभी बाधाएं दूर होकर सफलता का मार्ग खुलता है.

पूजा का महत्व
इस दिन विधि-विधान से मां चंद्रघंटा की पूजा करने से भक्तों को विशेष फल प्राप्त होता है. माता को दूध, मिठाई और सफेद वस्त्र अर्पित करना शुभ माना जाता है, साथ ही “ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः” मंत्र का जाप करने से मन की शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

क्या है मान्यता?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा की आराधना से व्यक्ति के अंदर की नकारात्मकता समाप्त होती है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है, यही कारण है कि नवरात्रि का तीसरा दिन आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

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