Holashtak2026: होली से पहले लगने वाले आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है, यह अवधि फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से शुरू होकर होलिका दहन तक चलती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है. आज होलाष्टक का दूसरा दिन है, ऐसे में जानिए वे 5 काम जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए.
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क्या है होलाष्टक?
होलाष्टक की परंपरा भागवत पुराण में वर्णित भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा से जुड़ी मानी जाती है, मान्यता है कि इन आठ दिनों में ग्रहों की स्थिति उग्र रहती है, इसलिए नए और बड़े कार्य टाल दिए जाते हैं.
भूलकर भी न करें ये 5 काम
शादी-विवाह या मांगलिक कार्य- होलाष्टक के दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते.
नया व्यवसाय शुरू करना- इस समय नया व्यापार या बड़ा निवेश शुरू करना शुभ नहीं माना जाता.
घर की नींव या निर्माण कार्य- नया मकान बनवाने या भूमि पूजन से बचने की सलाह दी जाती है.
झगड़ा और कटु वचन- धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में क्रोध और विवाद से बचना चाहिए, वरना नकारात्मकता बढ़ती है.
तामसिक भोजन और गलत आदतें- मांस-मदिरा और तामसिक भोजन से दूरी रखने की सलाह दी जाती है.
क्या करें इस दौरान?
भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा करें, भजन-कीर्तन और मंत्र जाप करें, दान-पुण्य और सेवा कार्य करें, सकारात्मक सोच और संयम रखें.
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