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Bihar: राज्यसभा में हैट्रिक नहीं लगा पाएंगे हरिवंश?

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है. इन पांच में से अभी तीन एनडीए के पास है. दूसरी ओर यह भी तय है कि विपक्ष की दो सीटों पर भी इस बार एनडीए का ही कब्जा रहेगा. पांच सीटों में दो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के पास है और इस बार भी ये पार्टी के पास रहेगी. ऐसे में सियासी हलचल तेज हो गई है कि इन दो सीटों पर जेडीयू से इस बार राज्यसभा कौन जाएगा? इस पर जेडीयू की ओर से पहली प्रतिक्रिया आई है.

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राज्यसभा में हरिवंश के लिए वापसी पर संशय, JD(U) के टिकट पर तीसरी बार उच्च सदन में पहुंचने की चुनौती

असली चर्चा अंकगणित से ज्यादा JDU की आंतरिक राजनीति को लेकर है। विशेष रूप से मौजूदा उपसभापति हरिवंश नारायण की संभावना को चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया दलगत हैसियत से आगे बढ़ाकर सियासी संकेतों की परीक्षा बना दिया है।

JDU के टिकट पर दो कार्यकाल पूरे कर चुके हरिवंश के सामने तीसरी बार उच्च सदन में पहुंचने की चुनौती पार्टी की परंपरा, सामाजिक समीकरण और दलगत संतुलन से जुड़ी है। संख्या बल के लिहाज से स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।

बिहार विधानसभा में प्रत्येक राज्यसभा सीट के लिए 41 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। BJPऔर JDU, दोनों के पास इतनी संख्या है कि वे दो-दो उम्मीदवार आराम से जिता सकते हैं। इस दृष्टि से पांचों सीटों पर परिणाम लगभग तय माने जा रहे हैं। विपक्षी खेमे की सीमित संख्या और उसके भीतर संभावित असहमति को देखते हुए किसी बड़े उलटफेर की संभावना कम है।

तीसरी बार राज्यसभा भेजना जेडीयू के लिए अपवाद

किंतु राजनीतिक प्रक्रिया केवल गणित से संचालित नहीं होती है। संदेश-संकेत भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। JDU की दुविधा यहीं से शुरू होती है। पार्टी की परंपरा है कि किसी नेता को लगातार तीसरी बार राज्यसभा या विधान परिषद भेजना अपवाद की तरह कभी-कभी ही हो पाया है। ऐसे में हरिवंश की दावेदारी स्वत: ही विचार का विषय है। वे अप्रैल 2014 से राज्यसभा सदस्य हैं और अगस्त 2018 से उपसभापति पद संभाल रहे हैं।

संसदीय कार्यवाही के संचालन में उनकी संयमित शैली और विभिन्न दलों के बीच उनकी स्वीकार्यता निर्विवाद मानी जाती है। परंतु किसी भी दल की राजनीति सिर्फ संसदीय दक्षता पर आधारित नहीं होती है।

‘मुझे लगता है एनडीए के खाते में आएगी पांचों सीट’

गुरुवार (19 फरवरी, 2026) को पटना मीडिया से बातचीत में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने इस संबंध में बहुत कुछ साफ कर दिया. उन्होंने कहा, “राज्यसभा का चुनाव होने वाला है. पांच सीटें बिहार से होंगी… मुझे लगता है कि पांचों सीट एनडीए के खाते में आएगी. जेडीयू की दो सीटें हैं.” उन्होंने मुख्यमंत्री पर सारे फैसले को छोड़ते हुए कहा कि नीतीश कुमार तय करेंगे कि जेडीयू से कौन जाएगा. समय पर फैसला हो जाएगा.

पत्रकारों ने संजय झा से पूछा कि खबर आ रही है कि चिराग पासवान की मां रीना पासवान को राज्यसभा भेजा जा सकता है. नितिन नवीन का भी नाम है. इस पर उन्होंने कहा, “हम लोगों को ये आइडिया नहीं है… मैं तो जेडीयू का ही बता सकता हूं मुख्यमंत्री बैठकर तय करेंगे.” एक सवाल पर कहा कि जेडीयू के खाते में दो सीटें आएंगी ये बिल्कुल सही है.