RelationshipTips: कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें हर समय अपने करीबी लोगों को खोने का डर सताता रहता है, यह डर कभी-कभी इतना बढ़ जाता है कि व्यक्ति का रोजमर्रा का जीवन, रिश्ते और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होने लगता है. विशेषज्ञ इसे एंग्जायटी या अटैचमेंट से जुड़ी समस्या मानते हैं, जो सही देखभाल और आदतों से ठीक की जा सकती है. मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और World Health Organization के अनुसार, लगातार डर और चिंता को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते संभालना जरूरी है.
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क्यों होता है अपनों को खोने का डर?
बचपन के बुरे अनुभव, किसी करीबी को पहले खो देने का दर्द, ज्यादा ओवरथिंकिंग, आत्मविश्वास की कमी, रिश्तों में असुरक्षा, American Psychological Association के मुताबिक, यह डर कई बार एंग्जायटी डिसऑर्डर का हिस्सा भी हो सकता है.
5 आसान तरीके जो तुरंत मदद करेंगे
1. ओवरथिंकिंग रोकने की आदत डालें- हर छोटी बात को दिमाग में बार-बार न घुमाएं, अपने विचार लिखें या किसी दोस्त से बात करें.
2. रिश्तों में भरोसा बढ़ाएं- अपने करीबियों से खुलकर बात करें, गलतफहमी कम होगी और डर भी घटेगा.
3. माइंडफुलनेस और ध्यान करें- रोज 10-15 मिनट मेडिटेशन करने से मन शांत होता है और नकारात्मक डर कम होता है.
4. खुद को व्यस्त रखें- हॉबी, एक्सरसाइज या नई स्किल सीखें। खाली दिमाग डर को बढ़ाता है.
5. जरूरत पड़े तो काउंसलर से मिलें- अगर डर ज्यादा बढ़ जाए, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लें, यह कमजोरी नहीं, समझदारी है.
कब समझें कि मदद जरूरी है?
हर समय बेचैनी रहे, नींद न आए, रिश्तों में शक बढ़े, बार-बार पैनिक हो, ऐसी स्थिति में प्रोफेशनल सलाह जरूरी हो जाती है.
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