Nalanda: सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर नालंदा जिले से सामने आ रही है, जहां राजगीर थाना क्षेत्र स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला में ठहरे चार पर्यटकों ने एक साथ फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
हैरानी की बात यह है कि यह आत्महत्या दो दिन पहले की बताई जा रही है। जब कमरे से तेज बदबू आने लगी, तब स्थानीय लोगों को शक हुआ और मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
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सूचना मिलते ही राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह और थानाध्यक्ष रमन कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर जब कमरे के अंदर प्रवेश किया गया, तो चारों पर्यटक एक ही कमरे में फांसी के फंदे से झूलते हुए पाए गए।
धर्मशाला प्रबंधन की लापरवाही? 2 दिन तक किसी को खबर क्यों नहीं हुई
पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, आधार कार्ड और धर्मशाला का पंजीकरण रजिस्टर जब्त किया है। मोबाइल नंबर की जांच में सामने आया है कि सभी पर्यटक बेंगलुरु के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम का इंतजार किया जा रहा है।
वहीं दिगंबर जैन धर्मशाला के मैनेजर विजय कुमार जैन ने प्रारंभिक आशंका जताते हुए कहा कि संभव है कि पारिवारिक कलह के कारण चारों ने यह कदम उठाया हो।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल आत्महत्या के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब दो दिनों तक कमरा नहीं खुला, तो धर्मशाला प्रबंधन ने समय रहते पुलिस या प्रशासन को सूचना क्यों नहीं दी?
फिलहाल घटनास्थल की बैरिकेडिंग कर दी गई है, पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी है और यह भी आशंका जताई जा रही है कि चारों एक ही परिवार के सदस्य हो सकते हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वीरेंद्र कुमार संवाददाता नालंदा, सहारा समय


























