ShivratriSpecialMehndiDesign: महाशिवरात्रि को भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का प्रतीक माना जाता है, इस पावन अवसर पर देशभर में शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना होती है. परंपरा के अनुसार, कई महिलाएं और युवतियां इस दिन शिव–पार्वती विवाह के उपलक्ष्य में हाथों में मेहंदी लगाकर उत्सव और भक्ति का जश्न मनाती हैं.
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शिवरात्रि पर मेहंदी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवरात्रि पर मेहंदी लगाना सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. अविवाहित कन्याएं मनचाहा वर पाने की कामना से, जबकि विवाहित महिलाएं दांपत्य जीवन की मंगलकामना हेतु मेहंदी सजाती हैं.
शिव–पार्वती थीम की खास मेहंदी डिजाइन
शिव–पार्वती विवाह दृश्य: दूल्हा बने शिव और दुल्हन पार्वती की आकृति वाली मेहंदी सबसे विशेष मानी जाती है.
शिवलिंग और त्रिशूल डिज़ाइन: भक्ति और शक्ति का प्रतीक.
ॐ और डमरू पैटर्न: आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता के लिए.
बेलपत्र और चंद्रमा मोटिफ: भगवान शिव के प्रिय चिन्ह, जो मेहंदी को और शुभ बनाते हैं.

किन रंगों और स्टाइल को दें प्राथमिकता
गाढ़े भूरे और लाल रंग की मेहंदी शुभ मानी जाती है, मिनिमल और पारंपरिक डिज़ाइन अधिक प्रभावशाली माने जाते हैं, हथेली के साथ कलाई और उंगलियों पर भी शिव प्रतीकों का प्रयोग करें.
मेहंदी लगाते समय रखें ये सावधानियां
शुद्ध और केमिकल-फ्री मेहंदी का उपयोग करें, मेहंदी लगाने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करें, पूजा से पहले मेहंदी लगाकर सूखने का पूरा समय दें.
उत्सव को बनाएं और भी खास
महिलाएं इस दिन पारंपरिक परिधान पहनकर, भजन–कीर्तन के बीच मेहंदी लगाती हैं, इससे शिव–पार्वती विवाह का उत्सव पारिवारिक और सांस्कृतिक रूप से और भी जीवंत हो जाता है.
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