MahaShivratriRangol2026: महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की आराधना और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है, इस पावन अवसर पर घर की सजावट में रंगोली का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवरात्रि पर बनाई गई शुभ रंगोली न केवल घर को सुंदर बनाती है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा, शांति और सौभाग्य का भी संचार करती है.
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शिवरात्रि पर रंगोली का महत्व
रंगोली को शुभता और मंगल का प्रतीक माना जाता है. शिवरात्रि के दिन रंगोली में शिव तत्वों का समावेश करने से वातावरण पवित्र और सात्विक बनता है. मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है.
शिवरात्रि के लिए बेस्ट रंगोली डिजाइन
शिवलिंग रंगोली: काले, सफेद और हरे रंग से बनी शिवलिंग आकृति सबसे अधिक शुभ मानी जाती है.
ॐ और त्रिशूल डिजाइन: यह भगवान शिव के प्रमुख प्रतीक हैं, जो शक्ति और शांति का संदेश देते हैं.
कमल और बेलपत्र पैटर्न: कमल शुद्धता का प्रतीक है, वहीं बेलपत्र शिव को अति प्रिय है.
नंदी और डमरू थीम: नंदी महाराज और डमरू से बनी रंगोली भक्ति भाव को प्रबल करती है.

रंगों का रखें विशेष ध्यान
सफेद शांति और पवित्रता का प्रतीक, हरा समृद्धि और संतुलन, वहीं नीला स्थिरता और विश्वास, इसके अलावा पीला सकारात्मक ऊर्जा और प्रसन्नता.
कहां बनाएं रंगोली
मुख्य द्वार के सामने, पूजा कक्ष के बाहर, आंगन या ड्राइंग रूम के प्रवेश द्वार पर.
रंगोली बनाते समय क्या न करें
गंदे या बिखरे स्थान पर रंगोली न बनाएं, बहुत अधिक गहरे या तामसिक रंगों से बचें, अधूरी या टूटी हुई आकृति न बनाएं.
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