Mahashivratri falahar: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जिसे भगवान शिव की आराधना और व्रत-उपवास के साथ मनाया जाता है. इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु निर्जल या फलाहार व्रत रखते हैं, ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि महाशिवरात्रि पर फलाहार कैसे करें, क्या खाना सही है और किन चीज़ों से परहेज करना चाहिए, ताकि व्रत पूर्ण फलदायी हो.
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महाशिवरात्रि पर फलाहार का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि पर सात्विक और हल्का भोजन शरीर और मन दोनों को शुद्ध करता है. फलाहार व्रत का उद्देश्य इंद्रियों पर संयम, आत्मशुद्धि और शिव भक्ति को बढ़ाना माना गया है.
फलाहार में क्या खाएं (सही भोजन)
फल: केला, सेब, अनार, पपीता, नारियल आदि
दूध और दूध से बने पदार्थ: दूध, दही, छाछ, मखाना की खीर
सूखे मेवे: बादाम, काजू, किशमिश (सीमित मात्रा में)
व्रत का आटा: कुट्टू, सिंघाड़ा, राजगिरा
सेंधा नमक: सामान्य नमक के स्थान पर केवल सेंधा नमक
साबूदाना: साबूदाना खिचड़ी या टिक्की (बिना प्याज-लहसुन)
क्या न खाएं (गलत भोजन)
अनाज: गेहूं, चावल, दालें
सामान्य नमक: केवल सेंधा नमक ही मान्य
प्याज और लहसुन: पूर्ण रूप से वर्जित मांस, मदिरा और तामसिक भोजन अधिक तले-भुने और मसालेदार व्यंजन
फलाहार करते समय रखें ये सावधानियां
भोजन सात्विक और स्वच्छ होना चाहिए, जरूरत से ज्यादा भोजन न करें, संयम बनाए रखें. दिन में जल, दूध या फल का सेवन करते रहें, रात्रि में शिव पूजन के बाद ही फलाहार करें.
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