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जहानाबाद: NEET छात्रा को न्याय दो, सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

जहानाबाद की NEET छात्रा के मौत से जुड़े मामले में समय बीतने के साथ-साथ जनाक्रोश और तेज़ होता जा रहा है। जैसे-जैसे घटना को दिन गुजरते जा रहे हैं, वैसे-वैसे लोगों का गुस्सा सड़कों पर साफ़ दिखाई देने लगा है।

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मंगलवार को जहानाबाद के सामाजिक कार्यकर्ताओं के आह्वान पर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पतियावा गांव से जहानाबाद के कारगिल चौक तक प्रतिशोध मार्च निकाला गया। इस मार्च में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हाथों में काले झंडे लेकर लोगो ने पीड़िता को न्याय की मांग करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाये इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता पहलाद भारद्वाज ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब सरकार निकम्मी हो जाती है, तब जनता को जागना पड़ता है। खामोशी भी एक बड़ा अपराध है। यही कारण है कि हम लोग पीड़ित परिवार के न्याय के लिए पैदल मार्च निकालने को मजबूर हैं। उन्होंने आगे कहा कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होना इस बात की ओर इशारा करता है कि सरकार उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है।

इस मामले में बड़े रसूखदार लोग शामिल हैं, इसलिए सरकार लीपापोती में लगी हुई है, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब बिहार के डीजीपी द्वारा पीड़ित परिवार को कार्यालय बुलाकर घटना को आत्महत्या मानने का दबाव बनाया जाता है, तो यह बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। इससे साफ प्रतीत होता है कि पुलिस प्रशासन और सरकार मिलकर अपराधियों को बचाने का काम कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं सह जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिस सरकार को न्याय और विकास की बातें करनी चाहिए, उसी सरकार में एक पिता न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है यह पूरे समाज के लिए शर्म की बात है। प्रतिशोध मार्च के दौरान लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला और सभी ने एक स्वर में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।