अलीगढ़ पुलिस ने सोमवार को बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए थाना गोरई इलाके के बेशवा रोड पर बंद पड़े भट्टे में संचालित अवैध शस्त्र बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर पांच अभियुक्तों को मौके से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने गिरफ्तार किए गए इन सभी अभियुक्तों के कब्जे से बड़ी मात्रा में बने- अधने अवैध तमंचे, कारतूस समेत भारी मात्रा में 50 तमंचे बनाने के उपकरण बरामद किये हैं.जिसके बाद पुलिस नें सभी अभियुक्त के खिलाफ थाने पर बीएनएस एक्ट की धारा (3/5/25) आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस अभीरक्षा में जेल भेज दिया.
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प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध शस्त्र बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अमृत जैन नें बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज सिंह जादौन द्वारा जनपद में अपराध की रोकथाम एवं अवैध शस्त्र बनाने/बिक्री करने वाले शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु अभियान चलाया जा रहा था.इस दौरान बेसवा इलाके में बंद पड़े ईंट भट्टे में कुछ लोगों द्वारा अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही थी जिसकी सूचना मुखबिर के द्वारा पुलिस को दी गई.जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अमृत जैन के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी इगलास महेश कुमार के कुशल नेतृत्व में थाना गोरई पुलिस व क्रिमिनल इंटेलीजेन्स विंग देहात की संयुक्त टीमों द्वारा मुखबिर की सूचना पर 5 शातिर अभियुक्तों को बेसवां रोड पर बन्द पड़े भट्टे से अवैध शस्त्र फैक्ट्री का संचालन करने एवं अवैध देशी शस्त्रों का निर्माण करते हुए भारी मात्रा में बने व अधबने तमचे के साथ शस्त्र बनाने की फैक्ट्री का भण्डफोड करते हुए गिरफ्तार किया गया.पुलिस नें गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से 9 निर्मित तमंचे 2 अर्धनिर्मित तमंचे समेत कई कारतूस और 50 तमंचे बनाने में इस्तेमाल किए जाने उपकरण बरामद किए हैं.
पूछताछ पर अभियुक्तो ने बताया कि तमचे बनाने का समान रॉ मैटेरियल अलीगढ़ में मदारगेट से तथा तमंचे के लिए नाल छीपी टोला आगरा से खरीदते हैं. जिसमें एक तमंचा बनाने की लागत 1000 से 1500 रुपये आती है. तथा एक तमंचा को 6 से 7 हजार रुपए में बेचते हैं. ऑर्डर के अनुसार तमचे तैयार करते हैं, तथा तमंचे बनाने के लिए अपनी जगह बदलते रहते हैं. जिससे किसी को उन पर शक न हो. इसलिए सुनसान जगहों पर बनाते हैं. जिससे लोगों का आवागमन कम हो. सब लोग मिलकर पार्टनर शिप में फैक्ट्री चला रहे थे. जो माल बिकता है उसको सब बराबर- बराबर बांट लेते है.
जहां पुलिस ने मुख्य अभियुक्त जयवीर उसके साथी विकास,सोनू,कान्हा व दीपक पूर्व में भी इस काम को करते हुए आ रहे है. वही मुख्य अभियुक्त जयवीर को 2015 में भी पुलिस नें इगलास इलाके में अवैध तमंचे बनाने की फैक्ट्री से गिरफ्तार करते हुए जेल भेजा गया था.जबकि कान्हा पर भी आर्म्स एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज है.इन सभी आरोपियों से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार बरामद करते हुए पुलिस अभीरक्षा में जेल भेज दिया है. मामले में विवेचना जारी है. जो भी साक्ष्य निकाल कर सामने आएंगे.उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.


























