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OvulationCycle: कब होता है? जानिए गर्भधारण का गोल्डन पीरियड

ovulation cycle

OvulationCycle: गर्भधारण की योजना बनाने वाली महिलाओं के लिए ओव्यूलेशन चक्र (Ovulation Cycle) की जानकारी बेहद जरूरी है. ओव्यूलेशन वह समय होता है जब अंडाशय से अंडाणु (egg) निकलता है और महिला गर्भधारण के लिए सबसे फर्टाइल (उर्वरक) अवस्था में होती है, सही समय पर यह जानकारी होने से प्रेग्नेंसी की संभावना बढ़ जाती है.

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ओव्यूलेशन कब होता है?
ओव्यूलेशन आमतौर पर पीरियड चक्र के 12वें से 16वें दिन के बीच होती है (यदि आपका मासिक चक्र 28 दिनों का है). इस दौरान अंडाणु अंडाशय से निकलकर फैलोपियन ट्यूब में पहुंचता है, जहां शुक्राणु के साथ मिलकर गर्भधारण संभव हो जाता है. हर महिला का चक्र अलग होता है, इसलिए यह दिन कुछ हद तक बदल सकता है.

गर्भधारण के लिए गोल्डन पीरियड
ओव्यूलेशन के दिन और उसके 2–3 दिन पहले और बाद के दिन सबसे फर्टाइल माने जाते हैं, इस दौरान सेक्स करने पर गर्भधारण की संभावना सबसे अधिक होती है, इसे “fertile window” भी कहा जाता है.

ओव्यूलेशन के संकेत
कुछ महिलाओं में ओव्यूलेशन के दौरान ये संकेत दिखाई दे सकते हैं. हल्का पेट दर्द या ऐंठन, सर्वाइकल म्यूकस का बढ़ना, बॉडी टेम्परेचर में हल्का बढ़ाव, मूड में बदलाव या संवेदनशीलता.

ओव्यूलेशन ट्रैक कैसे करें
मासिक चक्र कैलेंडर का उपयोग करें, ओव्यूलेशन किट (Ovulation Test Kit) से ट्रैक करें, बॉडी टेम्परेचर और म्यूकस का निरीक्षण करें, हेल्थ ऐप या नोटबुक में डेटा रिकॉर्ड करें.

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
गाइनीकॉलॉजिस्ट डॉ. रितु शर्मा का कहना है, गर्भधारण के लिए सबसे जरूरी है ओव्यूलेशन को समझना, महिलाओं को अपने मासिक चक्र को ट्रैक करना चाहिए.

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