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ParentingTips: अगर बच्चा बार-बार दीवार पर पेन चलाए तो क्या करें?

Child write on the wall

ParentingTips: कई माता-पिता यह देखकर हैरान रहते हैं कि उनका बच्चा बार-बार दीवारों पर पेन या पेंसिल चला देता है. यह केवल शरारत नहीं, बल्कि कभी-कभी बच्चों के मानसिक और रचनात्मक विकास का संकेत भी हो सकता है. इसे नजरअंदाज करना या जोर-जबरदस्ती रोकना सही तरीका नहीं है.

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क्यों बच्चे दीवार पर पेन चलाते हैं?
रचनात्मकता और कल्पनाशीलता– छोटे बच्चों में कल्पनाशीलता और ड्राइंग की चाह अधिक होती है, दीवार उनके लिए एक बड़ी ‘कैनवास’ बन जाती है.

ध्यान और अभिव्यक्ति की कमी- कभी-कभी बच्चे अपने विचार या भावनाओं को व्यक्त करने के लिए दीवार का इस्तेमाल करते हैं.

अनुशासन और नियम सीखना- बच्चों को सीमाओं और नियमों का ज्ञान धीरे-धीरे होता है, दीवार पर लिखना या खुरचना इस सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है.

ध्यान आकर्षित करना- यदि बच्चे महसूस करते हैं कि उन्हें पर्याप्त ध्यान नहीं मिल रहा, तो वे इस तरह के व्यवहार से माता-पिता का ध्यान आकर्षित करते हैं.

ऐसा करते समय क्या करना चाहिए-
सकारात्मक मार्गदर्शन दें: बच्चे को यह समझाएँ कि दीवार पर लिखना सही नहीं है, लेकिन उनका रचनात्मक हुनर भी जरूरी है.
कैनवास विकल्प दें: घर में ब्लैकबोर्ड, नोटबुक या ड्राइंग पेपर दें, जहां बच्चे अपने विचार और कला को सुरक्षित रूप से व्यक्त कर सकें.
अनुशासन और नियम बनाएँ: नियमों को सरल और स्पष्ट रखें, उदाहरण: “दीवार नहीं, कागज पर ड्राइंग करें.”
सकारात्मक reinforcement: जब बच्चा सही जगह ड्रॉ करता है, उसे सराहें और प्रोत्साहित करें.
धैर्य और समझदारी: डाँटने या जोर-जबरदस्ती करने से बच्चे में डर और नकारात्मक भावनाएँ बढ़ सकती हैं.

क्या नहीं करना चाहिए
बच्चे को बार-बार डाँटना या मारना, उनका रचनात्मक उत्साह दबाना, तुरंत प्रतिक्रिया में गुस्सा दिखाना.

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