PatientCare: ब्रेन ट्यूमर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसके इलाज में सर्जरी, रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी जैसी आधुनिक चिकित्सा पद्धतियां प्रमुख हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, इनके साथ-साथ नेचुरोथेरेपी (प्राकृतिक चिकित्सा) को सहायक देखभाल के रूप में अपनाया जा सकता है, जिससे मरीज की जीवन गुणवत्ता, ऊर्जा और मानसिक संतुलन बेहतर हो सकता है.
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डॉक्टर की राय
डॉ. अनिल कुमार कहते हैं कि ब्रेन ट्यूमर के इलाज में आधुनिक चिकित्सा ही सबसे प्रभावी और जरूरी है. नेचुरोथेरेपी को यदि सही मार्गदर्शन में, डॉक्टर की सलाह से अपनाया जाए, तो यह मरीज को मानसिक शांति, बेहतर नींद और स्ट्रेस कंट्रोल में मदद कर सकती है, लेकिन इसे कभी भी मुख्य इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.
10 आसान टिप्स
संतुलित और पौष्टिक आहार लें– ताजे फल-सब्जियां, साबुत अनाज, पर्याप्त प्रोटीन और स्वस्थ वसा शरीर की रिकवरी में मदद करते हैं.
हाइड्रेशन बनाए रखें- पर्याप्त पानी पीने से थकान कम होती है और शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया बेहतर रहती है.
योग और प्राणायाम- हल्के योगासन और अनुलोम-विलोम, भ्रामरी जैसे प्राणायाम तनाव घटाने और नींद सुधारने में सहायक हो सकते हैं.
प्राकृतिक धूप का लाभ- सुबह की हल्की धूप विटामिन-D के लिए उपयोगी है, जो इम्यून सपोर्ट में मदद कर सकती है.
पर्याप्त नींद लें- गहरी और नियमित नींद शरीर की मरम्मत और मानसिक शांति के लिए जरूरी है.
स्ट्रेस मैनेजमेंट अपनाएं- ध्यान (Meditation), संगीत या पसंदीदा गतिविधियां तनाव कम करने में मदद करती हैं.
हल्की शारीरिक गतिविधि- डॉक्टर की सलाह से हल्की वॉक या स्ट्रेचिंग रक्त संचार और ऊर्जा स्तर बेहतर कर सकती है.
डिटॉक्स थैरेपी (डॉक्टर की सलाह से)- नेचुरोथेरेपी में दिए जाने वाले कुछ डिटॉक्स उपाय पाचन सुधारने में सहायक हो सकते हैं.
सकारात्मक सोच और काउंसलिंग- मनोवैज्ञानिक सहयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण इलाज के दौरान बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
नियमित मेडिकल फॉलो-अप- किसी भी नेचुरल उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें.
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